खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं के लिए बड़ी सौगात: शिक्षा और कौशल विकास को मिलेगी नई उड़ान
खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं के लिए बड़ी सौगात: शिक्षा और कौशल विकास को मिलेगी नई उड़ान
*डीएमएफ मद से 19.20 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति*
*आईएचएम रायपुर में 15 युवाओं को मिलेगा हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट प्रशिक्षण का अवसर*
रायगढ़ @संदेशा 24
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप रायगढ़ जिला प्रशासन ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। विशेष रूप से लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ क्षेत्र के 15 लाभार्थी युवाओं को आईएचएम रायपुर में हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाया जाएगा। इन विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक सत्र 2026-27 एक वर्ष के लिए डीएमएफ मद से पूर्णतः वित्तपोषित रहेगा, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लैलूंगा और धरमजयगढ़ विकासखंड के उन युवाओं के लिए यह पहल उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है, जो आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण उच्च शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण से वंचित रह जाते हैं। डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) मद से 19 लाख 20 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ने की ठोस पहल की गई है। यह स्वीकृति कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास के अध्यक्ष श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर प्रदान की गई है।
लैलूंगा और धरमजयगढ़ जैसे खनन प्रभावित क्षेत्रों में यह योजना सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्षों से संसाधन आधारित इन क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार के सीमित अवसरों को देखते हुए यह पहल युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी। शिक्षा और कौशल विकास ही क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास की कुंजी है। इसी उद्देश्य से रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद का उपयोग युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में किया जा रहा है, जिससे खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को नर्सिंग, चिकित्सा शिक्षा, इंजीनियरिंग, विधि, प्रबंधन, उच्च शिक्षा, व्यवसायिक पाठ्यक्रम, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अध्ययन के लिए सहायता उपलब्ध हो सके ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इस प्रकार के रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जाए। इस निर्णय से न केवल खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में सामाजिक विकास, आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन को भी नई गति प्राप्त होगी।