तमनार के वन गंगा सलिहारी में जिला स्तरीय अशासकीय शिक्षण प्रबंधक संघ का बैठक सम्पन्न

तमनार के वन गंगा सलिहारी में जिला स्तरीय अशासकीय शिक्षण प्रबंधक संघ का बैठक सम्पन्न

तमनार (दुलेन्द्र पटेल) 23.11.2020 रायगढ़ जिले के जिला और ब्लॉक स्तरीय अशासकीय शिक्षण प्रबंधक संघ का एक आवश्यक बैठक 22 नबम्बर को ग्राम्य भारती पर्यावरण चेतना केंद्र वन गंगा स्थल जोबा सलिहारी कसडोल ब्लॉक तमनार जिला रायगढ़ में संपन्न हुआ।बैठक में कोविड -19 के परिपेक्ष के अशासकीय विद्यालय संचालन में आ रहे विभिन्न समस्याओं के साथ-साथ शासन प्रशासन द्वारा अशासकीय विद्यालय संचालन के विरुद्ध विभिन्न प्रकार के आदेशों निर्देशों का खुलकर विरोध किया गया।सदस्यों का कहना था कि कोविड-19 विश्वव्यापी आपदा था ऐसे में केवल अशासकीय अनुदान अप्राप्त विद्यालयों पर ही विभिन्न प्रकार के नियम कानून थोपना अपना कहां तक उचित है जबकि ये विद्यालय अपने न्यूनतम संसाधन से अथक प्रयास कर ऑनलाइन एवं पारा कोला क्लास लगाकर 90 से 95% बच्चों को किसी न किसी रूप में शिक्षा की मुख्यधारा से जोडे रखा एवं आज भी शासकीय स्कूलों में तुलना में अच्छी स्थिति में है वही अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालय एवं शासकीय स्कूलों के संचालन पर शासन ने कोई ध्यान नहीं है यदि शासन का रवैया ऐसा ही रहता है तो वृहद आंदोलन करने का निर्णय लिया जाएगा वहीं शासन के बिना टीसी प्रवेश कक्षा नौवीं से बारहवीं तक नवीन व नवीनीकरण विभागीय अनुमति को संयुक्त संचालन के लिए जाने का विरोध करते हुए उसे 20 वर्ष पूर्व से चली आ रही नियम जिला शिक्षा अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में रखने एवं मध्य प्रदेश शासन द्वारा 1995 में शिक्षा संहिता के अध्याय 33 में किए गए शिक्षा के लोक व्यापीकरण के तहत प्रपत्र क ख ग जिसमे शपथ पत्र घोषणा पत्र एव अनुबंध पत्र के निष्पादन का प्रावधान है उसे लागू कर उसकी पाउति से ही विद्यालय संचालन की स्थाई विभागीय अनुमति की व्यवस्था दी गई है उसे लागू किए जाने की मांग की गई।

नगरीय निकाय में शासन द्वारा नजूल भूमि पर स्थित मकानों पर 152 प्रतिशत राशि लेकर स्थाई पट्टा देने का प्रावधान किया गया है उसे शासन द्वारा मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों का नियमों के संशोधन का शासन फ्री होल्ड में अपने नाम जमीन रखकर उसे किराए टैक्स के रूप में राशि की वसूली करे क्योंकि अशासकीय विद्यालय संचालन कोई व्यवसाय की परिभाषा में नहीं आता यह नों लॉस नो प्रॉफिट के नियम में संचालित होता है वही कोरोना काल में अशासकीय विद्यालयों में शासन के विभिन्न आदेशों के चलते फीस जमा ना होने के कारण शिक्षकों एवं कर्मचारियों का मानदेय एवं वेतन रुका हुआ है इसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन को लेते हुए समस्त अशासकीय विद्यालयों के कर्मचारियों की लंबित वेतन की भरपाई अनुदान शून्य ब्याज पर बैंक ऋण प्रदाय करने के साथ-साथ निःशुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत देय राशि को तत्काल भुगतान करने की मांग की गई वहीं प्रबंधक संघ के नियमावली के संशोधन कर अशासकीय विद्यालयो में कार्यरत कर्मचारियों को जोड़ने पर चर्चा हुआ क्योंकि वह हमारे संगठन के महत्वपूर्ण कड़ी हैं एक परिवार की भांति कार्य करते रहे हैं।
अशासकीय शिक्षण प्रबंधक संघ के आय व्यय की वार्षिक रिपोर्ट के मद्देनजर विकासखंड पुसौर में 29.11. 2020 धरमजयगढ़ में 6.12. 2020,लैलूंगा 12.12.2020 तमनार 18.12.2020 खरसिया 27.12.2020 रायगढ़ 3.1.2021,घरघोडा 10.1.2021को विकास खण्ड स्तरीय बैठक आयोजित कर आय व्यय की ऑडिट करायी जाने का निर्णय लिया गया इसके लिए एक समिति जिसके संयोजक प्रकाश सिंह ठाकुर कोषाध्यक्ष टिकेश्वर साहू प्रधान पाठक,विश्वनाथ गुप्ता मिलुपारा का चयन किया गया। वही अशासकीय विद्यालयों के विभिन्न समस्याओं को अवगत कराने एवं विभिन्न मांगों का ज्ञापन के लिए माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उनके निवास पर व्यक्तिगत चर्चा करने के लिए एक समिति में जिसमे जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण चौधरी जिला सह सचिव बी के प्रहराज,जिला सदस्य एफएस सिंह अध्यक्ष पुसौर,अक्षय सतपथी सदस्य धरमजयगढ़ प्रेम कुमार सिंह सदस्य लैलूंगा जग बंधु राम यादव होंगे का निर्णय लिया गया वे तिथि तय कर मुख्यमंत्री को अपनी समस्या से अवगत कराएंगे अंत मे यह निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री से पहल के बाद भी समस्या का निराकरण नही होने पर विभिन्न आदेशो के खिलाफ हाई कोर्ट जाने का भी निर्णय लिया गया इस हेतु जिला अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण चौधरी को अधिकृत की गई।बैठक में उत्साह पूर्ण परिवेश मे सम्पन्न हुआ।


