अंतराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर साहित्य से सुरभित हुआ ग्राम डोलेसरा

अंतराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर साहित्य से सुरभित हुआ ग्राम डोलेसरा
तमनार @ संदेशा 24 अंतराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर बापू जी के विचारों को जीवांत करते हुए केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य ग्राम डोलेसरा मे माणिक चन्द्र पटनायक जी के अध्यक्षता और सरपंच नीराश्री पैकरा की संरक्षता में तथा सुरेंद्र सिंह सिदार जी,मुकुंद मुरारी पटनायक जी,बिहारीलाल पटेल जी,कैलाश गुप्ता जी,विक्की नायक जी,प्रफुल्ल सतपथी जी,संतोषी श्रीवास जी के आथित्य में गांधी जयंती पर भव्य आयोजन किया गया ।

सैकडों श्रोताओं के बीच भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ गांधी जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण और पूजन भजन के साथ ही तिलक और फूल वर्षा के साथ सभी साहित्यकारों और अथितियों का आथित्य सत्कार किया गया,तत्पश्चात शब्द रूपी पुष्पों से मंच सुरभित होने लगा।इस दौरान साहित्यकारों के कविता पाठ का अनूठा संगम देखने को मिला अलग-अलग विधाओं के साहित्यकारों ने अपने अंदाज में गांधी जी को याद किया और अपनी जानदार प्रस्तुतियों से सबको सराबोर कर दिया। कविता पाठ का श्री गणेश वीणापाणि के आह्वान के साथ हुआ जिसको अपने स्वर से विभूषित किया नन्ही कल्मकारा नेहा ठेठवार “चिंगारी” जी ने ,क्रम को जारी रखते हुए आमंत्रित किया गया

गीतकार अजय पटनायक “मयंक” जी को जिन्होंने अपने छंदमयी रचनाओं से सबको भाव विभोर कर दिया,ततपश्चात ओज के युवा कवि गुलशन खम्हारी ‘प्रद्युमन’ जी ने देश भक्ति रचनाओं से सबको जिंदावाद कहने पर मजबूर कर दिया।विधा को बदलते हुये हास्य बम सुखदेव राठिया जी को आमंत्रित किया गया जो अपने हास्य अंदाज में आपको खूब हंसाया।अगले क्रम में कार्यक्रम को स्तरीय बनाया वरिष्ठ साहित्यकार मनमोहन सिंह ठाकुर जी ने जिन्होंने पाश्चात्य संस्कृति पर व्यंग्य करते हुए कठोराघात किया और गांधी पर विचार रखे, तत्पश्चात जानेमाने वरिष्ठ साहित्यकार सुकदेव पटनायक “सदा” ने अपने गीत गजलों से सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम को आगे बढाते हुए ओज की कवियित्री नेहा ठेठवार “चिंगारी” को बुलाया गया उनके धांसू अंदाज को सुनकर मंच तालियों से गूंज गया।

रस परिवर्तन करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार जमुना प्रसाद जी को बुलाया गया जिन्होंमे अपने छतीसगढ़ी रचना से शमा बाँधा।कार्यक्रम को गति देते हुए विचारक राकेश बंजारे जी को बुलाया गया जिन्होंने अपने चुटकुलों से सबको हंसाया,निरन्तरता बनाये रखते हुए पुष्पा पटनायक पुष्प ने अपने मार्मिक रचनाएँ से सबको प्रभावित किया ,अगला बारी था पुरषोत्तम गुप्ता जी का जिहोंने अपने माहिया से सबको मंच को महकाया।अंततः जानी- मानी श्रृंगार की कवियित्री प्रियंका गुप्ता “प्रिया” को बुलाया गया जिन्होंने अपने श्रृंगार से मंच को सजाया,कार्यक्रम उत्कर्षता को देखते हुई भजन गायक रमेश चौधरी जी ,बेदमणि चौहान,हरेंद्र डनसेना ने भी अपने प्रस्तुतियों से सबका मनोरंजन किया कार्यक्रम को अपने हास्य रचनाओं से पराकष्ठा तक पहुंचाया सीपत बिलासपुर से पधारे कवि शरद यादव “अक्स” जी ने।
कार्यक्रम का अपने सफल संचालन से मुकाम तक पहुंचाया शरद यादव सह अजय पटनायक ने तथा कार्यक्रम की पर अपनी समीक्षा रखते हुए जिंदल से पधारे प्रफुल्ल सतपथी जी ने इस तरह और कार्यक्रम कराने पर जोर दिया अंततः सम्मान समारोह के बाद अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए माणिक पटनायक जी ने सबका आभार व्यक्त किया।सबको सफ़तम कार्यक्रम की शुभकामनाएं दी।



