तहसील कार्यालय तमनार में एक सप्ताह बाद कामकाज प्रारम्भ होने से पक्षकार आवेदकों को मिली राहत

तहसील कार्यालय तमनार में एक सप्ताह बाद कामकाज प्रारम्भ होने से पक्षकार आवेदकों को मिली राहत
तमनार @ संदेशा 24 दुलेंद्र पटेल
तहसील कार्यालय तमनार में एक सप्ताह बाद 21 फरवरी सोमवार से कामकाज प्रारम्भ होने से पक्षकार आवेदकों को राहत मिली। तहसीलदार माया आंचल और नायब तहसीलदार अनुराधा पटेल के ड्यटी पर वापस लौट आने से पक्षकारों आवेदक किसान,छात्र सहित अन्य लोगों को बड़ी राहत मिली। आय, जाति, निवास,फौती के अलावा नामांतरण और सीमांकन के कार्यो में भी फिर से गति आ गई।

राजस्व प्रकरणों की सुनवाई भी आरंभ कर दी गई है। वही सभी आगंतुक पक्षकारो की समास्याओं के समाधान हेतु तहसील कार्यालय के मुख्य द्वार में ही तहसील स्टाफ के साथ निपटारा करते नजर आए। आज आवेदनों की संख्या दूसरे दिनों की तुलना में अधिक थी।तहसीलदार और नायब तहसीलदार लंबित आवेदनों के निराकरण में लगे रहे। आवेदनकर्ताओं की संख्या में अपेक्षाकृत ज्यादा नजर आई।
बता दें कि रायगढ़ तहसील कार्यालय में तहसीलदार और वकीलों की विवाद के कारण तहसील तमनार जिला रायगढ़ में पक्षकार,आवेदक किसान,छात्र सहित अन्य लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. तहसील कार्यालय तमनार 14 फरवरी सोमवार से बंद होने के बाद स्थानीय लोगों को काफी समस्याओं से जूझना पड़ रहा था
रायगढ़ तहसील कार्यालय में उपजे विवाद के बाद प्रदेश व्यापी आह्वान पर रायगढ़ जिले के तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी हड़ताल पर चले गए थे। पिछले सोमवार से उनका हड़ताल चल रहा था। शासन स्तर पर इनकी कई मांगे थी। अधिवक्ताओं के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करने के अलावा राजस्व न्यायालयों में सुरक्षा व्यवस्था की मांग भी की गई थी। शासन स्तर से मांगों को पूरा करने के आश्वासन के बाद दो दिन पहले ही तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था। पांच दिन हड़ताल पर रहने के कारण राजस्व न्यायालयों में कामकाज पूरी तरीके से बाधित हो गया था। लिपिक जरूर उपस्थित हो रहे थे लेकिन अधिकारियों के नहीं रहने के कारण लंबित आवेदनों की संख्या बढ़ती जा रही थी।

तहसीलदार वकील विवाद का असर देखने को मिल रहा है. पिछले 4 दिनों से प्रदेश के कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ तहसीलदार नायब तहसीलदार द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। तहीसलदार वकील विवाद का असर तहसील परिसर देखने को मिल रहा है। तहसील कार्यालय में पीठासीन अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर होने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। 17 फरवरी गुरुवार को लिपिक कर्मचारी द्वारा कार्यलय खोला गया है लेकिन तहसीलदार नायब तहसीलदार नही होने पक्षकारो आवेदकों किसानों और छात्रों सहित आम लोगों का काम बंद पड़ गया है. किसानों को अपनी जमीन के नामांतरण, खसरा सहित तमाम कार्यों के लिए कई दिनों से भटकना पड़ रहा था.


