राष्ट्रीय कवि संगम के नवम राष्ट्रीय अधिवेशन में रायगढ़ जिला इकाई के साहित्यकारों ने की सहभागिता @ बहे काव्य की गंगा धारा – राष्ट्र जागरण धर्म हमारा।

राष्ट्रीय कवि संगम के नवम राष्ट्रीय अधिवेशन में रायगढ़ जिला इकाई के साहित्यकारों ने की सहभागिता
रायगढ़ @ संदेशा 24 राष्ट्रीय कवि संगम का राष्ट्रीय अधिवेशन विगत 10, 11 एवं 12 जून 2022 को योग एवं अध्यात्म की नगरी हरिद्वार, देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा में सम्पन्न हुआ, जिसमें भारत के 35 राज्यों सहित विश्व के लगभग 15 देशों के साहित्यकारों एवं विद्वानों की पावन उपस्थिति रही। कार्यक्रम में ओडिसा के माननीय राज्यपाल श्री गणेशी लाल जी, उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी जी, भाजपा सांसद श्री साक्षी महाराज जी, भाजपा सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री ड़ाँ.सुधांशु त्रिवेदी जी, परमार्थ निकेतन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संरक्षक स्वामी चिदानंद जी महाराज परमार्थ निकेतन ऋषिकेश मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहे। रामटेक महाराष्ट्र के पीठाधीश्वर स्वामी अजय भैया महाराज की भी इस अधिवेशन में विशिष्ट सहभागिता रही।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगदीश मित्तल जी, राष्ट्रीय कवि श्री हरिओम पँवार जी, अर्जुण सिसोदिया जी, श्री महेश शर्मा जी, श्री शम्भु सिंह मनहर जी, श्री अशोक बत्रा जी, श्री योगेश अग्रवाल जी इत्यादि ने अपना सार्थक जीवानुपयोगी वक्तव्य दिया।
उक्त कार्यक्रम में रायगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय कवि संगम रायगढ़ के जिला संयोजक अरविंद सोनी “सार्थक” जी, तमनार के युवा कवि एवं राष्ट्रीय कवि संगम रायगढ़ के उपाध्यक्ष तेज राम नायक “तेज” जी, एवं युवा कवि सुखदेव सिंह राठिया “बनगिहा” जी, खरसिया की शृंगार कवयित्री प्रियंका गुप्ता “प्रिया” जी तथा पुरुषोत्तम प्रसाद गुप्ता जी ने अपनी गौरवमई सहभागिता दर्ज करा के अपने काव्यपाठ से सभी का ध्यान आकर्षित किया और भरपूर स्नेह बटोरा।
इस पावन अवसर पर ही रायगढ़ के साहित्यकार श्री अरविंद सोनी “सार्थक” जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री जगदीश मित्तल “बाबूजी” के सानिध्य में राष्ट्रीय कवि संगम संगठन का ट्रस्टी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
परम आदरणीय श्री जगदीश मित्तल जी बाबूजी के राष्ट्र जागरण अभियान में देश के ख्यातिमान कवियों के साथ नवोदित कवियों को कई पुज्य संतों , विचारकों और श्रेष्ठ राजनिज्ञों के उद्बोधन से जिले के साहित्यकारों को बहुत कुछ सीखने को मिला।
अधिवेश का समापन परमार्थ निकेतन में परम पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज की पावन स्नेहमयी उपस्थिति में तथा माँ गंगा की निर्मल धारा की साक्षी में एक अद्भुत भव्य राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के साथ हुआ।


