पूर्व मंत्री सत्यानन्द राठिया ने तराईमाल में श्रीमद भागवत कथा श्रवण कर लिया आशीर्वाद

पूर्व मंत्री सत्यानन्द राठिया ने तराईमाल में श्रीमद भागवत कथा श्रवण कर लिया आशीर्वाद
तमनार @संदेशा 24 @ दुलेन्द्र पटेल 21.5.2023
केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य तहसील तमनार के प्रसिद्ध माँ बंजारी के गोद में बसे ग्राम तराईमाल में पूज्या देवी राधे प्रिया श्रीधाम वृन्दावन की मुखारबिंद से संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के पांचवे दिन श्री कृष्ण बाल लीला वर्णन,कालिया नाग,शालिग्राम,गोवर्धन कथा का रसपान कराया।पूर्व मंत्री सत्यानन्द राठिया,पूर्व विधायक सुनीति राठिया ने कथा श्रवण कर आशीर्वाद लिया। श्री राधे कृष्ण के मधुर संगीत से शुरुआत मीठी-मीठी गीतों से करते हुए बाल लीला, गोवर्धन पूजन छप्पन भोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि श्रीकृष्ण भगवान नारायण के पूर्ण अवतार हैं। बालकृष्ण भगवान राम और कृष्ण नारायण के पूर्ण अवतार हैं।उन्होंने कहा कि मधुर बाल लीला का कुंजो के साथ बिहार करते थे, इसलिए उनका नाम कुंजबिहारी पड़ा। लीला करने के लिए धरातल पर आए, सब को उपदेश का वर्णन करना चाहिए। हमें कृष्ण राम की तरह जीवन जीना चाहिए। कृष्ण जी के उपदेश का पालन करना चाहिए । पूर्व मंत्री सत्यानन्द राठिया ने श्री राधे कृष्ण की पूजा अर्चना कर व्यासपीठ देवी राधे प्रिया जी से आशीर्वाद लिया।

उन्होंने तराईमाल में कथा वाचिका जी के मुखारविंद से श्रीमद भागवत कथा व गीत संगीत के माध्यम से भजन सत्संग रसास्वादन कराने व आयोजन समिति द्वारा भव्य आयोजन का बधाई देते कहाकि यह मानव जीबन कठिन से मिलता है इसके लिये देवता भी तरसते हैं।आकाश से पानी स्वच्छ होकर बरसता है फिर जमीन मिट्टी में मिलकर नदी नाला में चला जाता है। गन्दा नाला में जाने से गंदा व नदी में जाने से अच्छा हो जाता है।वैज्ञानिक उसे फिल्टर कर शुद्ध जल बना लेते है। मनुष्य का जन्म भी धरती के रंग में रंग जाता है सतसंग के साथ अच्छा सत्संगी व दुष्टो के साथ रहकर गंदा दुष्ट बन जाते हैं। लेकिन कथा सत्संग श्रवण करने से दुष्ट आदमी भी अच्छा सत्संगी बन जाता है।
आयोजन समिति ग्रामवासी तराईमाल द्वारा संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति ज्ञान,वैराग्य की पावन त्रिवेणी गंगा में गोता लगाने सपरिवार पधारकर पुण्य के भागीदार बनने आव्हान की गई है।


