पूर्व मंत्री सत्यानन्द राठिया के गृह ग्राम रोडोपाली में दशमी रथ यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं की भीड़

पूर्व मंत्री सत्यानन्द राठिया के गृह ग्राम रोडोपाली में दशमी रथ यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं की भीड़
तमनार @संदेशा 24 @ दुलेन्द्र पटेल 28.6.2023
केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य तहसील तमनार के पूर्व मंत्री सत्यानन्द राठिया के गृह ग्राम रोडोपाली में दशमी रथ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन के लिए उमड़े। मान्यता है कि, जो व्यक्ति भगवान के रथ यात्रा में शामिल होता है। उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है ।

रथ यात्रा में भाग लेने मात्र से संतान संबंधी सारी समस्याएं दूर हो जाती है। इसी श्रद्धा और भक्ति के साथ आज रोडोपाली में दशमी रथयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, भक्तगण भगवान के दर्शन कर पुण्य के भागी बने। हर वर्ष आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की दितिया तिथि से शुरू होकर आषाढ़ शुक्ल की दशमी तिथि तक रथ यात्रा आयोजन होता है। रथ यात्रा में महाप्रभु जगन्नाथ विराजमान होते हैं और इनके साथ भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा भी होते हैं। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा जगन्नाथ मंदिर से निकलते हुए मौसी मंदिर गुंडिचाच के यहां पहुंचती है।

गुंडिचा मंदिर में महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा तीनों ही आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तक रुकते हैं। फिर इसके बाद वापस अपने मंदिर लौट जाते हैं । रोडोपाली में भी इसी तरह का धार्मिक कार्यक्रम रथ यात्रा उत्साह के साथ संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के मौसी माँ गुंचिचा मंदिर पहुंचे और भगवान का फूल माला से सिंगार किया। जैसे ही कीर्तन मंडली एवं नगर के प्रबुद्ध जन भगवान के दर्शन हेतु पहुंचे। उसके बाद पुजारी के द्वारा विधि-विधान अनुसार पूजा पाठ संपन्न किया। भगवान महाप्रभु अपने मौसी के घर से जैसे ही रथ में सवार होने के लिए निकले। इस दौरान भगवान के दर्शन हेतु श्रद्धालु उमड़ पड़े। मौसी मंदिर में ही भगवान की परिक्रमा करा रथारूढ किया गया । पूर्व मंत्री सत्यानन्द राठिया ने भगवान के रास्ते को साफ सुथरा करते हुए परिक्रमा कराया गया। विधायक सुनीति राठिया एवं गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की तथा भगवान के रथ यात्रा को खींचने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मची थी । इस दौरान सभी ने भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए फूल माला, श्रीफल के साथ पूजा पाठ किया ।


