गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में चौथी बार अंकित हुआ कवि डॉ० तेजराम नायक “तेज”

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में चौथी बार अंकित हुआ कवि डॉ० तेजराम नायक “तेज”
तमनार @संदेशा 24
संविधान प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक है इसे जन – जन तक पहुँचाना साहित्यकारों का कर्तव्य है इसी क्रम में डॉ० ओमकार साहू मृदुल, सपना दत्ता सुहासिनी और मधु शंखधर के सम्पादन में विश्व का पहला छंदबद्ध संविधान “छंदबद्ध भारत का संविधान” नामक साझा संकलन का प्रकाशन किया गया जिसमें ग्राम आमगांव (तमनार) रायगढ़ के शिक्षक, छंदविद कवि डॉ० तेजराम नायक ने अपनी लेखनी से अपना महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज करायी है। ज्ञातव्य हो कि इस पुस्तक को विश्व का प्रथम छंदबद्ध संविधान होने का गौरव प्राप्त हुआ है और इस पुस्तक को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल किया गया है। इस पुस्तक के सहयोगी रचनाकार के रूप में कवि तेजराम नायक ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है इनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए उन्हें गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड का सम्मान पत्र तथा स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।
कवि तेज ने चर्चा के दौरान बताया कि अब तक यह चौथा अवसर है जब उनका नाम विश्व रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। इससे पहले तीन बार गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाड्स पर उनकी लेखनी सम्मानित हो चुकी है। जिसमें से “नशा मुक्ति पर काव्य लेखन” (साहित्य संगम संस्थान दिल्ली), “छत्तीसगढ़ सम्पूर्ण दर्शन” और “आयुर्वेद को जानें” पुस्तक सम्मिलित है जिन पुस्तकों ने विश्व रिकॉर्ड बनाया है।
विभिन्न साहित्यिक, शासकीय और गैर शासकीय संस्थाओं से सैकड़ों सम्मान से सम्मानित कवि तेज एक उत्कृष्ट छंदविद तथा शृंगार और हास्य व्यंग्य के बेहतरीन कवि हैं इन्हें 2019 में साहित्यिक सेवाओं के लिए साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली द्वारा डॉयरेक्ट की मानद उपाधि तथा विगत दिनों कृति कला एवं साहित्य परिषद सीपत द्वारा अक्षर साहित्य सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाड्स में नाम अंकित कराने की महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कवि डॉ० तेजराम नायक तेज को मित्रों, परिवारिक जनों, शिक्षक साथियों तथा शुभचिन्तकों से लगातार शुभकामनाएं प्राप्त हो रहीं है।



