वन विभाग की पहल: गांवों में स्थापित होंगे हाथी मितान और हाथी वार्ता केंद्र

वन विभाग की पहल: गांवों में स्थापित होंगे हाथी मितान और हाथी वार्ता केंद्र
*हाथियों की गतिविधियों की जानकारी अब समय पर मिल सकेगी ग्रामीणों को
रायगढ़ @संदेशा 24
धरमजयगढ़ वनमंडल अंतर्गत धरमजयगढ़ परिक्षेत्र के ओंगना गांव में हाथी-मानव संघर्ष को कम करने एवं ग्रामीणों को हाथियों की समय पर उपस्थिति एवं हाथी व्यवहार, हाथी से सुरक्षा संबंधी जानकारी देने हेतु एक महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत की गई।
इस अभियान के तहत गांव में एक व्यक्ति को हाथी मितान के रुप में चिन्हित कर चयन किया गया। यह हाथी मितान ग्रामीणों को हाथियों से जुड़ी हाथी व्यवहार, हाथी से सुरक्षा, हाथी की जंगल में उपस्थिति की जानकारी देंगें। साथ ही साथ सतर्कता बरतने के उपाय एवं हाथी मानव सहजीविता के बारे में लोगों से चर्चा परिचर्चा के माध्यम से बताएगा। मुख्य रुप से इस अभियान के तहत गांव में एक हाथी उपस्थिति, हाथी व्यवहार, हाथी से सुरक्षा संबंधी चर्चा परिचर्चा करने हेतु हाथी वार्ता केन्द्र स्थापित किया गया है, जहां पर आकर ग्रामीण हाथी मितान से हाथी संबंधी चर्चा परिचर्चा करेंगें।
हाथी वार्ता केन्द्र में गांव का नक्शा बनाकर हाथी से संवदेनशील घरों, जंगल किनारे से लगे घरों एवं अन्य स्थलों को चिन्हांकित कर उनका मोबाईल नम्बर लेकर अभिलेख के रुप में रखा गया है। जिससे त्वरित रुप से संबंधित घरों के लोगों को सूचना देकर उनको सुरक्षित किया जा सके। हाथी वार्ता केन्द्र में हाथी मितान से कोई भी ग्रामीण हाथी के संबंध में जानकारी ले सकते है। इस अभियान की शुरुआत में ग्रामीणजन, स्कूली बच्चे सम्मिलित हुये, जिनको हाथी जानकारी संबंधी पाम्पलेट बाटकर जानकारी दी गई।
वन विभाग द्वारा हाथी मानव द्वंद को कम करने का एक प्रयास है। इस अभियान से हाथियों की गतिविधियों की जानकारी समय रहते ग्रामीणों को मिल सकेगी, जिससे वे अपने आपको एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख सकेगें। उक्त अभियान से वन विभाग एवं ग्रामीणों के बीच हाथी को लेकर एक सकारात्मक सहयोग मिलेगी। वनमंडलाधिकारी धरमजयगढ़ द्वारा इस पहल के शुरुआत के बारे में ग्रामीणों एवं हाथी मितान को हाथी व्यवहार संबंधी सामान्य जानकारी एवं हाथी से सुरक्षा संबंधी चर्चा कर इस अभियान में सहयोग करने की अपील की गई। अन्य हाथी प्रभावित ग्रामों में भी इसका धीरे-धीरे विस्तार किया जाएगा। इस अभियान में वनमंडलाधिकारी धरमजयगढ़, उप वनमंडलाधिकारी धरमजयगढ़, वन परिक्षेत्राधिकारी धरमजयगढ़, सहित अन्य वन कर्मियों, नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के सदस्य, हाथी मित्र दल तथा स्कूली बच्चों की उपस्थिति रही।


