ओपीजेयू में इंडस्ट्री 4.0 की क्रांति को बढ़ावा देते हुए एक सप्ताह के “रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की इंडस्ट्री 4.0 में भूमिका” विषय पर अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल समापन

ओपीजेयू में इंडस्ट्री 4.0 की क्रांति को बढ़ावा देते हुए एक सप्ताह के “रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की इंडस्ट्री 4.0 में भूमिका” विषय पर अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल समापन
रायगढ़ @संदेशा 24
ओ. पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा “रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की इंडस्ट्री 4.0 में भूमिका” विषय पर एक सप्ताह का अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) दिनांक 4 अगस्त 2025 से 9 अगस्त 2025 तक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम एआईसीटीई (AICTE) की अटल अकादमी (ATAL Academy) के तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस एफडीपी का उद्देश्य शिक्षकों और शोधकर्ताओं को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक उद्योगों में इनके अनुप्रयोगों के नवीनतम रुझानों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में देश भर से विशेषज्ञों द्वारा विविध तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया।

9 अगस्त को आयोजित समापन समारोह के आरंभ में संयोजक डॉ. महेश भिवापुरकर ने पूरे एफडीपी की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न प्रमुख संस्थानों जैसे IIT, NIT, BIT, और उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने व्याख्यान और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम में विषय-विशेषज्ञ के रूप में श्री वैभव केसरवानी, डॉ. बीबीवीएल दीपक, डॉ. सोमक दत्ता, डॉ. बप्पा आचरजी, डॉ. अविनाश रॉय, डॉ. संदीप दहाके, डॉ. अतुल कुमार साहू एवं डॉ. वी. पांडु रंगा ने अपनी विशेषज्ञता के साथ सक्रिय सहभागिता की और प्रतिभागियों को विषय से संबंधित महत्वपूर्ण ज्ञान व अनुभव प्रदान किया।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि रहे श्री अविनाश रॉय (स्टेट हेड (सेल्स), टाटा मोटर्स) ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने का माध्यम बन चुके हैं, बल्कि वे गुणवत्ता, सुरक्षा, और लागत-प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं। श्री रॉय ने प्रतिभागियों को उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को अद्यतन करने की सलाह दी और इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अकादमिक तथा औद्योगिक जगत के बीच सेतु के रूप में बताया।
कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने अपने संदेश में कहा कि यह अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों, शोधकर्ताओं और तकनीकी समुदाय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में दक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंडस्ट्री 4.0 की बदलती जरूरतों को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि हम न केवल तकनीकी ज्ञान में पारंगत हों, बल्कि उसे उद्योग और समाज की वास्तविक आवश्यकताओं के साथ भी जोड़ सकें। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों को इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि विश्वविद्यालय सदैव इस प्रकार के नवाचारात्मक और उन्नयनात्मक प्रयासों को प्रोत्साहित करता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में, सह-संयोजक डॉ. सरोज कुमार ने सभी विषय-विशेषज्ञों, प्रतिभागियों, एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम की सफलता में उनके योगदान की सराहना की। यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें वह शैक्षणिक उत्कृष्टता, औद्योगिक प्रासंगिकता, और तकनीकी नवाचार के समन्वय को प्राथमिकता देता है। इस तरह के प्रयास न केवल शिक्षकों और शोधकर्ताओं को समकालीन तकनीकों से लैस करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी के इंजीनियरों और तकनीकी पेशेवरों को भी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करते हैं।


