अघरिया सामाजिक संगठन को राष्ट्रीय स्वरूप देने ओड़िसा और छत्तीसगढ़ के संबद्धता का निर्णय

अघरिया सामाजिक संगठन को राष्ट्रीय स्वरूप देने ओड़िसा और छत्तीसगढ़ के संबद्धता का निर्णय
*सरायपाली में दोनों प्रांत के प्रबुद्ध जनों की समन्वय बैठक में अहम निर्णय
तमनार @ संदेशा 24 @ भोजराम पटेल*
सचिव, अ.भा.अ.स. केन्द्रीय समिति रायगढ़ छ.ग.
अखिल भारतीय अघरिया समाज केन्द्रीय समिति रायगढ़ छत्तीसगढ़ एवं अखिल भारतीय अघरिया समाज ओड़िसा बलांगीर, सुंदरगढ़ (समस्त ओड़िसा प्रांत) के समन्वय समिति की बैठक दिनांक 26-10-2025 दिन रविवार को सराईपाली, महासमुंद (छ.ग.) में समाज के प्रतिष्ठित रंजन पटेल जी (ओड़िसा) के संयोजन में एवं ओड़िसा के विधानसभा पूर्व अध्यक्ष किशोरचंद्र पटेल, सासंद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, छत्तीसगढ़ से समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल, बालकराम पटेल, पूर्व विधायक त्रिलोचन पटेल, महासचिव त्रय कामता पटेल, तेजराम नायक, बिहारीलाल पटेल,सचिव भोजराम पटेल केन्द्रीय पदाधिकारियों एवं गणमान्य सदस्यों की उपस्थिति में आयोजित की गई। जिसमें में सम्मानीय सदस्यों एवं पदाधिकारियों द्वारा ओड़िसा एवं छत्तीसगढ़ के अघरिया सामाजिक संगठन के एकीकरण एवं परस्पर सम्बद्धता हेतु सर्वानुमति से निर्णय लिया गया ।
सर्वप्रथम बैठक के संयोजक श्रीमान रंजन पटेल द्वारा पूर्ववर्ती बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देने के साथ उपस्थित विभिन्न क्षेत्रीय पदाधिकारियों को परिचय हेतु आमंत्रित किया गया क्रमशः ओड़िसा एवं छत्तीसगढ़ प्रांत के उपस्थित सदस्यों द्वारा परिचय दिये जाने के बाद सर्व सम्मत्ति से छत्तीसगढ़ व ओड़िसा के अलग-अलग संगठनों को एक कर एक दुसरे से सम्बद्धता पर सकारात्मक सहमति दी गई।
बैठक में उपस्थित समाज के प्रतिष्ठित सदस्य किशोरचन्द्र पटेल जी द्वारा पूर्व में 11 अक्टूबर 2011 को लिए गए निर्णय तथा समन्वय समिति द्वारा ली गई निर्णय के आधार पर ओड़िसा एवं छत्तीसगढ़ के सामाजिक संगठन की एकता व सम्बद्धता के लिए किये गए कार्यों की जानकारी देते हुए इस कार्य में छत्तीसगढ़ के पूर्व केन्द्रीय पदाधिकारियों की सकारात्मक सहयोग व पहल के अभाव में कार्य प्रगति बाधित होना बताया गया। श्री किशोरचन्द्र पटेल द्वारा सदस्यों को अवगत कराया गया कि वर्ष 2011 में यह निर्णय लिया गया था कि दोनों संगठनों की सम्बध्दता (Affiliation) पश्चात संविधान व सामाजिक नियमावली को सम्मिलित करते हुए एक संविधान निर्धारित किया जाय। किशोरचन्द्र पटेल द्वारा यह प्रस्ताव किया गया कि अखिल भारतीय अघरिया समाज केन्द्रीय समिति रायगढ़ के संविधान को सुंदरगढ़ बलांगीर के साथ एकीकृत कर संशोधन, सुधार पश्चात इसके क्रियान्वयन पर चर्चा किया जाय एवं चयनित
प्रतिनिधि इसकी अंतिम रूप देंगे तत्पश्चात सभी पदाधिकारियों के समक्ष रखा जाय एवं लागू किया जाना चाहिए।
बैठक में उपस्थित सदस्य पूर्व महासचिव अ.भा. अ.स.रायगद द्वारा पूर्व बैठक दिनांक 11-10 -2011 में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए बैठक कार्यवाही का वाचन (पठन) किया गया। चितरंजय पटेल द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर समाज का संगठन निर्माण करने, सामाजिक नियमावली (संविधान) में विभिन्न संशोधनों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ ग्राम समिति से लेकर प्रांतीय व अखिल भारतीय स्तर पर सदस्यों के कार्य क्षेत्र अधिकार व दायित्वों के बारे में बताया गया ।
अखिल भारतीय अघरिया समाज केन्द्रीय समिति रायगढ़, वर्तमान महासचिव तेजराम नायक (रायपुर) द्वारा एकीकृत संगठन के पंजीयन में अखिल भारतीय स्तर किये जाने पर कानूनी अड़चन या संगठन के संचालन में व्यवहारिक दिक्कतों के समाधान कर लिए जाने का सुझाव दिया ताकि भविष्य में किसी प्रकार शासकीय कार्यालयों व प्रशासनिक प्रक्रिया में उलझन अथवा किसी प्रकार व्यवधान की स्थिति निर्मित न हो ।
ओड़िसा से पधारे संगठन के सलाहकार दिलीप पटेल ने अभिमत व्यक्त करते हुए बताया कि उड़ीसा प्रशासन द्वारा छत्तीसगढ़ फर्म एवं सोसायटी के पंजीयन को शासकीय कार्य में आपत्ति दर्ज किये जाने के कारण हमें सामाजिक ट्रस्ट बनाकर पंजीयन कराना पड़ा अतः इस विषय पर विचार व गंभीरता से निर्णय लिया जाय जरूरत के आधार पर राष्ट्रीय (अखिल भारतीय) स्तर पर पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण कराया जाना उचित होगा इसी प्रकार सुझाव अन्य सदस्यों द्वारा भी दिया गया।

ओड़िसा से सामाजिक पदाधिकारी द्वारका नाथ पटेल ने अखिल भारतीय (राष्ट्रीय) स्तर पर कमेटी बनाने के लिए ओड़िसा एवं छत्तीसगढ़ से 5-5 नाम देकर एक समिति बनाये जाने का प्रस्ताव दिया गया जिनके द्वारा दोनो प्रांत के संविधान / नियमावली का अध्ययन कर गहन विचार विमर्श व दावा आपत्ति पश्चात एक सर्वस्वीकार्य प्रतिवेदन तैयार किया जाय तत्पश्चात सम्बद्धता को अंतिम रूप दिया जाय।
अखिल भारतीय अघरिया समाज क्षेत्र रायगढ़ ग्रामीण के अध्यक्ष राजेश नायक द्वारा ओड़िशा और छत्तीसगढ़ के अघरिया सामाजिक संगठनों को एक कर सम्बद्धता की प्रक्रिया के लिए आज के दिन को एतिहासिक एवं महत्वपूर्ण बताते हुए पूर्व में जिन कारणों से व्यवधान आया था उसे दूर करने का सुझाव दिया गया। राजेश नायक ने कहा कि आपसी संबन्ध मेल मिलाप के साथ राष्ट्रीय स्तर पर हमारी पहचान बने यह प्रत्येक अघरिया बंधु चाह रहा है। आपने सुझाव दिया कि संगठन के ढांचा को जन – जन तक पहुंचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पदाधिकारियों एवं स्वजातिय सदस्यों की उपस्थिति में संबद्धता की घोषणा की जानी चाहिए।
समन्वय समिति की बैठक में विशेष रूप से उपस्थित महासमुंद क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी द्वारा सभी सदस्यों के विचारों का स्वागत करते हुए दोनों प्रदेशों (ओड़िशा एवं छत्तीसगढ़) से 5 – 5 सदस्यों को लेकर एक समन्वय समिति बनाये जाने का सुझाव दिया श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने राष्ट्रीय स्तर पर संगठन बनाये जाने की दिशा में शासन- प्रशासन स्तर पर अपनी तरफ से हर प्रकार के सहयोग के लिए सदस्यों को आश्वस्थ किया गया।
समन्वय बैठक में ओड़िसा एवं छत्तीसगढ़ प्रांत से पांच पांच नामों को समन्वय समिति हेतु प्रस्तावित किया गया जिसमें ओड़ीसा से श्री दिलीप पटेल,श्री दुर्गा माधव पटेल डॉ.बिहारीलाल पटेल,श्री द्वारिकानाथ पटेल, श्री सुशांत पटेल एवं छत्तीसगढ़ से श्री तेजराम नायक (रायपुर) श्री बिहारीलाल पटेल (तमनार) श्री राजेश नायक (रायगढ़) श्री फागुलाल पटेल (डभरा )
श्री छत्तरसिंह नायक (सरायपाली) का नाम शामिल किया गया जिसकी घोषणा क्रमशः श्री किशोरचंद पटेल जी (ओड़ीसा) एवं श्रीमती उषा पटेल जी केन्द्रीय अध्यक्ष रायगढ़ छत्तीसगढ़ द्वारा की गई। ओड़िसा व छत्तीसगढ़ से समन्वय समिति में पूर्व सदस्य एवं सक्रिय वरिष्ठ जनों में बालकराम पटेल, श्री किशोर चंद्र पटेल, श्री फागुलाल पटेल, श्री चितरंजय पटेल उमाशंकर पटेल के साथ सम्मानीय रंजन पटेल पटेल जी को विशेष सलाहकार सदस्य के रूप में शामिल किये जाने हेतु सर्वसम्मति से अभिमत व्यक्त किया गया।
समन्वय बैठक के मुख्य वक्ता एवं मंतव्य व्यक्त करने वालों में सर्वप्रथम वरिष्ठ सामाजिक सदस्य छ.ग. पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के संयोजक सम्मानीय बालकराम पटेल द्वारा अपना मंतव्य व्यक्त करते हुए प्रस्ताव दिया गया कि पूर्व में एकीकरण एवं संबद्धता की प्रक्रिया से आयी बाधा को दूर कर अतिशीघ्र ओड़िसा एवं छत्तीसगढ़ के अघरिया सामाजिक संगठन को एक किये जाने का सुझाव दिया गया उन्होंने कहा कि इससे हमारी सामाजिक प्रतिष्ठा व पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होगी। समाज के प्रतिष्ठित वरिष्ठ सलाहकार श्री उमाशंकर पटेल द्वारा अपना अनुभव सुनाते हुए ओड़िसा व छत्तीसगढ़ के सामाजिक संगठनों की सम्बध्दता के लिए समिति के सदस्यों व मार्गदर्शक / सलाहकार सदस्यों के सुझाव पर आगे की कार्यवाही एवं आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण किया जाय। इसी प्रकार ओड़िशा प्रांत के बलांगीर अध्यक्ष दीनबंधु नायक द्वारा अपने सुझाव में दोनो प्रांत के संगठन को सम्बद्ध किये जाने का समर्थन किया। अखिल भारतीय अघरिया समाज केन्द्रीय समिति रायगढ़ के अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल द्वारा अपना अभिमत व्यक्त करते हुए पूर्व के निर्णय एवं समिति द्वारा किये गए कार्य को आगे बढ़ाने हेतु विचार सहमति व्यक्त किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल ने सुझाव दिया कि सामाजिक नियमावली में आवश्यक आंशिक संशोधन के साथ इसे मूर्त रूप दिया जाय श्रीमती उषा पटेल ने इस कार्य को आगामी वर्ष 2026 में वरिष्ठ जनों एवं मार्गदर्शक सदस्यों के सहयोग से पूर्णता देने एवं संविधान प्रारूप में संशोधन के साथ इसे पूर्ण करने का आश्वासन उपस्थित सदस्यों को दिया गया।
समन्वय बैठक अंत में अ० भा० अ० स० केन्द्रीय समिति के सचिव भोजराम पटेल द्वारा आभार व्यक्त करते हुए उपस्थित समस्त पदाधिकारियों ओड़िशा एवं छत्तीसगढ़ प्रांत के समस्त स्वजातिय बंधुओं सामाजिक जनप्रतिनिधियों, सहयोग कर्ताओं एवं समन्वय बैठक को सफल रूप से सम्पन्न करने में अहम् भूमिका निभाने वालों का धन्यवाद ज्ञापित कर समाज की ओर से आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम में ओड़िशा से पधारे समस्त स्वजातिय पदाधिकारियों को अखिल भारतीय अघरिया समाज केन्द्रीय समिति रायगढ़ एवं सरायपाली क्षेत्र की ओर से गमछा अंगवस्त्र द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ओड़िशा एवं छत्तीसगढ़ से नामांकित समन्वय समिति के सदस्यों का परिचयात्मक मिलन व सामूहिक फोटोग्राफी के साथ ही बैठक को विश्राम दिया गया।
*समन्वय बैठक में इनकी रही उपस्थिति सहभागिता :*
अखिल भारतीय अघरिया समाज केंद्रीय समिति के महासचिव कामता पटेल, तेजराम नायक, बिहारीलाल पटेल , उमाशंकर पटेल, अरुण पटेल, यादलाल नायक फागुलाल पटेल, राजेश नायक, सेतराम पटेल, संतकुमार पटेल, पुरुषोत्तम पटेल शिव कुमार पटेल, गोपाल पटेल अमरसिंह पटेल खेमराज विश्वनाथ नायक नेहरूलाल पटेल शिवकुमार पटेल एवं उड़ीसा प्रांत के विभिन्न क्षेत्र से आए हुए पदाधिकारी सदस्य समन्वय समिति की बैठक में अपनी विशेष सहभागिता दर्शाये ।

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