तराईमाल, सावित्रीनगर, तमनार में हर्सोल्लास से मना छठ महापर्व

तराईमाल, सावित्रीनगर, तमनार में हर्सोल्लास से मना छठ महापर्व
तमनार @संदेशा 24 दुलेन्द्र पटेल
रायगढ़ जिले के केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य तहसील तमनार के केलो नदी तराईमाल,सावित्री नगर मन्दिर व गोढ़ी बंका तालाब में 27 अक्टूबर को छठ महापर्व सामूहिक पूजा हवन कार्यक्रम हजारो श्रद्धालुओं द्वारा धूमधाम हर्षोल्लास से मनाया गया। तराईमाल में भव्य महाआरती में हजारो श्रद्धालु शामिल हुए।
छठ पर्व बिहार झारखण्ड सहित पूरे भारत का ऐसा पर्व है जो वैदिक काल से चला आ रहा है। केलो बनांचल ओद्योगिक क्षेत्र तमनार में बिहार झारखंड प्रान्त के सैकड़ो प्रवासियों द्वारा बड़े धूमधाम से मनाते आ रहे है। सूर्य उपासना का अनुपम लोक पर्व परंपरा निभाते हुए व्रति महिलाओं ने भगवान सूर्य को जल चढ़ाकर उनकी आराधना की और परिवार समाज की सुख शांति समृद्धि की मनोकामना की।

सावित्री नगर,गोढ़ी तालाब,केलो नदी तराईमाल सहित तमनार तहसील के कई तालाब घाटों पर सामूहिक पूजा कार्यक्रम का आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया।
ज्ञात हो कि छठ पूजा में महिलाएं अपने सुहाग और संतान की मंगल कामना के लिए 36 घंटों का निर्जला व्रत रखती हैं. छठ पूजा में विधि विधान से पूजा के साथ ही सिंदूर का भी काफी महत्व माना गया है. यही वजह है कि इस दिन महिलाएं लंबा सिंदूर लगाए हुए नजर आती हैं. मान्यता है कि जो भी महिलाएं पूरे नियमों के साथ छठ व्रत को करती हैं, छठी मइया उनके परिवार को सुख और समृद्धि से भर देती हैं

महा छठ पूजा समिति ताराईमाल में जनप्रतिनिधियों सेवको कार्यकर्तागण तराईमाल की सराहनीय योगदान रहा।




