देव उठनी ,रविनारायण एकादशी व्रत कब.. जानिए पं.किशोर पाणिग्राही से

तमनार @संदेशा 24
देव उठनी ,रविनारायण एकादशी व्रत कब करें जानिए पं.किशोर पाणिग्राही से
*वशिष्ठ स्मृति के अनुसार*-
*दशम्येकादशी यत्र तत्र नोपवसद् बुधः*।
*अपत्यानि विनश्यन्ति विष्णुलोकं स गच्छति।।*
दशमीयुक्त एकादशी में उपवास नहीं करना चाहिये।ऐसा करने से संतान का नाश होता है ऊर्ध्वगति रुकती है।
*कण्वस्मृति* के अनुसार अरुणोदयके समय दशमी तथा एकादशी योग हो तो द्वादशीको उपवास करके त्रयोदशीको पारण करना चाहिये।यथा-
*अरुणोदयवेलायां दशमीसंयुता यदि।*
*तत्रोपोष्या द्वादशी स्यात् त्रयोदस्यां तु पारणम्।।*
*मार्कण्डेय स्मृति के* मतानुसार बाल वृद्ध रोगी भी फलका आहार करके एकादशी व्रत करें।
*लिंगपुराण *गृहस्थो ब्रह्मचारी च आहिताग्नि स्तथैव च*।
*एकादश्यां न भुञ्जित पक्षयोरुभयोरपि।।*
अर्थात् -गृहस्थ ,ब्रह्मचारी,सात्त्विक किसी को भी एकादशी के दिन भोजन नहीं करना चाहिये।
*भविष्य पुराण* का वचन है-
*शुक्ले वा यदि वा कृष्णे विष्णुपूजन तत्परः।*
*एकादश्यां न भुञ्जीत पक्षयोरुभयोरपि।।*
अर्थात् विष्णुपूजा-परायण होकर शुक्ल-कृष्ण दोनों पक्षोंकी ही एकादशीमें उपवास करना चाहिये।अन्य सम्प्रदाय के उपासकगण अपने-अपने इष्टदेव में विष्णु भावना करके पूजा कर सकते हैं।
*श्रीमद्भागवत महापुराण*-
पूर्वकाल में राजा अम्बरीष महाभागवत हो चुके हैं ।उनका एकादशीव्रत का अनुष्ठान प्रसिद्ध ही है। भागवत में कहा गया है-
*आरिराधायिषुः कृष्णं महिष्या तुल्यशीलया।*
*युक्तः सांवत्सरं वीरो दधार द्वादशीव्रतम्।।*(९,४,२९)
श्रीकृष्णको प्रसन्न करनेकी इच्छासे राजा अम्बरीष ने अपने समान शीलवती रानीके साथ वर्ष पर्यन्त द्वादशी प्रधान एकादशीव्रत धारण किया।
विषेश:-मान्धाता नामके एक राजाथे,जिन्होंने एकादशीव्रत करके उसके पुण्यसे चक्रवर्ती सम्राट की उपाधि धारण की थी।
*गान्धारी ने दशमीविद्धा* एकादशीका व्रत किया था ,जिसके फलस्वरुप उसके सौ पुत्रोंका विनाश उसके जीवनकाल में ही हो गया था।
इसलिये दशमी से युक्त एकादशी का व्रत नहीं करना चाहिये।
*द्वादशीके साथ एकादशी* होने पर उस एकादशीमें भगवान *हरि* का संनिधान रहता है।
** *जिस मास दशमीवेध से युक्त एकादशी* होती है उसमें *असुरों का संनिधान होता है।*
** *एकादशी,द्वादशी और त्रयोदशी तिथिसे समन्वित तिथिपर व्रत कर लेना उचित है*,*किंतु दशमीसे युक्त एकादशीव्रत कभी नहीं करना चाहिये*।
** *अतः २ तारीख रविवार को देव उठनी ,रविनारायण एकादशीव्रत करना चाहिये*🌹🚩🙏
*आचार्य पं.किशोर पाणिग्राही*
(ज्योतिष, कर्मकाण्ड, भागवत)
*श्रीबंजारीधाम यज्ञाचार्य* गोल्डमैडेलिस्ट
9755641448



