सतत विकास की दिशा में कदम – ओपीजेयू में ‘रोल ऑफ इनोवेशन, आंत्रप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ विषय पर दो-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 6 नवंबर से

सतत विकास की दिशा में कदम – ओपीजेयू में ‘रोल ऑफ इनोवेशन, आंत्रप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ विषय पर दो-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 6 नवंबर से
(“सतत विकास के लक्ष्य तभी साकार हो सकते हैं जब नवाचार, उद्यमिता और प्रबंधन के सिद्धांत एक साथ समन्वित रूप से कार्य करें। ‘रोल ऑफ इनोवेशन, आंत्रप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ विषय पर 6 नवंबर से आयोजित यह दो-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है।”-डॉ. आर. डी. पाटीदार, कुलपति-ओपीजेयू)
रायगढ़ @संदेशा 24
ओपी जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा ‘रोल ऑफ इनोवेशन, आंत्रप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ विषय पर दो दिवसीय छठवां अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 6 और 7 नवंबर 2025 को आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन हाइब्रिड मोड में (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से) ओपी जिंदल विश्वविद्यालय परिसर में संपन्न होगा। सम्मेलन के सह-अध्यक्ष डॉ. हिमांशु वैष्णव एवं डॉ. जे. पी. रथ ने बताया कि यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सोहर विश्वविद्यालय (ओमान), मेट्रोपोलिया यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज (फिनलैंड) तथा जोस मारिया कॉलेज (फिलीपींस) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का उद्देश्य नवाचार, उद्यमिता एवं प्रबंधन से जुड़े सभी हितधारकों को एक साझा मंच पर लाकर, सतत विकास में उनकी भूमिका पर विचार-विमर्श करना है। साथ ही, यह सम्मेलन नवाचार के माध्यम से सतत विकास की व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करने और उन पर चर्चा करने का एक प्रमुख अंतःविषय मंच प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, सम्मेलन का उद्देश्य व्यावसायिक स्थिरता और नवाचार से संबंधित शैक्षणिक एवं व्यवहारिक ज्ञान का मूल्यांकन करना तथा एक स्थायी और अभिनव व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए सहयोगात्मक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं उद्योग विशेषज्ञ भाग लेंगे और नवाचार, उद्यमिता एवं प्रबंधन से संबंधित विविध विषयों पर अपने विचार एवं अनुभव साझा करेंगे।
ओपी जिंदल विश्वविद्यालय के कुलपति एवं सम्मेलन के जनरल चेयर डॉ. आर. डी. पाटीदार ने कहा कि हम आज तेज़ी से हो रही तकनीकी प्रगति और बढ़ती पर्यावरणीय एवं सामाजिक चुनौतियों के चौराहे पर खड़े हैं। विकास के पारंपरिक मॉडल अक्सर प्रकृति और सामाजिक कल्याण की कीमत पर आगे बढ़े हैं, परंतु अब वही शक्तियाँ — नवाचार, उद्यमशीलता और प्रबंधन — इन चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार नए विचारों के द्वार खोलता है, उद्यमशीलता उन्हें व्यवहार में लाती है और प्रबंधन सुनिश्चित करता है कि ये पहलें स्थायी एवं प्रभावी रूप से आगे बढ़ें। इन तीनों के समन्वय से ही ऐसा भविष्य संभव है, जहाँ आर्थिक विकास, सामाजिक समावेश और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकें। डॉ. पाटीदार ने आगे कहा कि सतत विकास के लक्ष्य तभी साकार हो सकते हैं जब नवाचार, उद्यमिता और प्रबंधन के सिद्धांत समन्वित रूप से कार्य करें। इसी उद्देश्य से 6–7 नवंबर 2025 को आयोजित ‘रोल ऑफ इनोवेशन, आंत्रप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ विषयक यह दो-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एक सार्थक पहल है।
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन 6 नवंबर 2025 को देश-विदेश से आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों- श्री नवीन जिंदल (चेयरमैन, जिंदल स्टील), प्रो. संजीव प्राशर (निदेशक, भारतीय प्रबंध संस्थान – IIM रायपुर), डॉ. रईस फारूक (सोहर विश्वविद्यालय, ओमान), श्री सब्यसाची बंद्योपाध्याय (कार्यकारी निदेशक, जिंदल स्टील, रायगढ़), श्री अनिल कुमार (कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी लारा), और श्री नवीन ओझा (सीएचआरओ, जेएसडब्ल्यू रायगढ़)- की गरिमामयी उपस्थिति में किया जाएगा। इस दो-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में उद्घाटन एवं समापन सत्रों के साथ-साथ कीनोट सत्र और तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन के दौरान विषय-विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, शोध-पत्र प्रस्तुतियाँ और तकनीकी चर्चाएँ शामिल होंगी। प्रतिभागियों को नवाचार, उद्यमिता और प्रबंधन से संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों से संवाद एवं नेटवर्किंग का अवसर मिलेगा।
सम्मलेन की कन्वीनर्स प्रो. सुजाता एवं डॉ श्रद्धा ने बताया की दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में प्रतिभागियों द्वारा लगभग 213 शोध-पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। प्रस्तुतीकरण के लिए कुल 278 शोध-सारांश प्राप्त हुए थे, जिनमें से 213 सारांशों का चयन उनकी गुणवत्ता और मौलिकता के आधार पर तकनीकी समिति द्वारा किया गया है।
सम्मेलन के दूसरे दिन, 7 नवंबर 2025 को समापन सत्र में कई जाने-माने विषय विशेषज्ञ उपस्थित होंगे। इसमें शामिल हैं प्रो. पीयूष कांत पांडे (वाइस-चांसलर, एमिटी यूनिवर्सिटी, रायपुर), श्री आलोक मिश्रा (पार्टनर और प्रिंसिपल डायरेक्टर, डेलॉइट, ऑस्ट्रेलिया), डॉ. मयंक धौंडियाल (डीन, जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल, सोनीपत) और डॉ. अनुजा पांडे (प्रोग्राम डायरेक्टर, PGCM और प्रोफेसर, हेड – इंडिया केस रिसर्च सेंटर)। ये विशेषज्ञ समापन सत्र के दौरान प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे और नवाचार, उद्यमिता और प्रबंधन से जुड़े अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे।
विदित हो की NAAC ‘A’ ग्रेड प्राप्त रायगढ़ के पुंजिपथरा स्थित ओपी जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना 2014 में (राज्य बिल अधिनियम 13) देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह – जिंदल ग्रुप द्वारा देश और विदेश के छात्रों को विश्व-स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। वर्त्तमान में विश्वविद्यालय में तीन स्कूल- स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट एवं स्कूल ऑफ़ साइंस संचालित हैं। स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, बी.टेक., एम.टेक., एवं पीएचडी; स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट में बीबीए, बी कॉम-ऑनर्स, बीए-ऑनर्स, एमबीए एवं पीएचडी; एवं स्कूल ऑफ़ साइंस में बीएससी, एमएससी एवं पीएचडी प्रोग्राम्स संचालित हैं। विश्वविद्यालय विश्व स्तर के पाठ्यक्रम, विश्व स्तरीय शिक्षक, आधुनिक शिक्षण विधियाँ, अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे और शिक्षार्थियों को एक जीवंत परिसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।


