यूरिया की कालाबाजारी,मुनाफाखोरी व बड़े घोटाले की आशंका पर भाजपा ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

यूरिया की कालाबाजारी,मुनाफाखोरी व बड़े घोटाले की आशंका पर भाजपा ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
रायगढ़ @ संदेशा 26.8.2020भारतीय जनता पार्टी रायगढ़ द्वारा यूरिया खाद को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है।आज कलेक्टोरेट पहुंच कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। भाजपा कि आरोप है कि प्रदेश सरकार के तमाम दावों के बावजूद किसानों को यूरिया खाद की नियमित आपूर्ति नहीं होने से किसान अब भी परेशान हैं। ओपी चौधरी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा ने शुरू से ही इस मामले को लेकर कालाबाजारी, मुनाफाखोरी और किसी बड़े घोटाले की जो आशंका व्याक्त की थी वह रायगढ़ जिले में हुई जाँच के बाद प्रमाणित हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया प्रदेश के मंत्रियों का किसानों को दिया गया वह दिलासा भी झूठा साबित हो गया है कि रैक के नहीं पहुँचने से किसानों को यूरिया खाद की आपूर्ति नहीं हो सकी है। प्रदेश सरकार बताए कि जब रैक नहीं आने के कारण यूरिया की आपूर्ति बाधित होने की बात वह कह रही है तो फिर लगभग 11सौ मीट्रिक टन यूरिया मुनाफोखोरों और कालाबाजारियों के पास कैसे पहुँच गया?
इस बात की आषंका निर्मूल नहीं है कि षासन-प्रषासन की शह पर रासायनिक खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी बेखटके चल रही है और इसके चलते एक बड़े यूरिया घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा अंबिकापुर में किसानों का उग्र प्रदर्षन मंत्री अमरजीत भगत का रास्ता रोका जाना और अब रायगढ़ जिले में यूरिया खाद को लेकर भांडा फूटने के बाद प्रदेश सरकार का निकम्मापन और भ्रष्टाचार सामने आ गया है। यह भी आरोप लगाया कि यूरिया खाद की किल्लत के चलते प्रदेश के अमूमन सभी जिलों में यही स्थिति बनी हुई है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के आते ही प्रदेश का अन्नदाता किसान परेशानी और प्रताड़ना का शिकार हो रहा है। प्रदेश सरकार अब भी किसानों की तकलीफ महसूस नहीं कर रही है। किसान खाद के लिए दर-दर भटकने को विवश हो रहे हैं।
श्री चौधरी का आरोप है कि रायगढ़ जिले में खाद की कालाबाजारी का सामने आया मामला यह स्पष्ट करता है कि इतना सब कुछ बिना ‘ऊपरी संरक्षण’ के नहीं हो सकता। पॉस मशीन व आधार की अनिवार्यता के बावजूद रायगढ़ जिले में 36 खरीददारों ने मिलकर 1070 मीट्रिक टन यूरिया खरीद कर जमा कर लिया था जो बाद में ऊँचे भाव पर किसानों को बेचा जा रहा था। इस पूरे मामले में सहकारी समितियों की संलिप्तता प्रमाणित हुई है। जिन लोगों ने यह खाद उठाई है, उनके पास उतनी कृषिभूमि है ही नहीं और फिर भी समितियों ने बिना जाँच-परख के बेजा मात्रा में खाद बेच दी! कई लोगों ने तो अपने नौकरों तक के नाम पर यूरिया खाद उठा ली है।
जिस पर अविलंब रोक लगाए जाने की आवष्यकता है। यदि राज्य सरकार यूरिया के मामले में दोषियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई एवं किसानों के लिए सर्व सुलभ रासायनिक खाद की उपलब्धता सुनिष्चित नहीं करती तो जिला भारतीय जनता पार्टी सडक की लडाई लडने के लिए बाध्य होगी। ग्यापन सौपने भाजपा जिला अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, जवहर नायक, आशीष ताम्रकार, विवेक रंजन, पंकज अग्रवाल, कौशलेष मिश्रा, आलोक सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता कलेक्टोरेट पहुंचे थे ।


