पूंजीपथरा में लगने वाले बायो मेडिकल ट्रीटमेंट प्लांट का जनसुनवाई में ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधियों ने किया जमकर विरोध

पूंजीपथरा में लगने वाले बायो मेडिकल ट्रीटमेंट प्लांट का जनसुनवाई में ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधियों ने किया जमकर विरोध

तमनार @ संदेशा 24 मेसर्स व्ही एम टेक्नो सॉफ्ट प्राइवेट लिमिटेड का पूंजीपथरा में नई प्रस्तावित नई संयुक्त जैविक अपशिष्ट उपचार सुविधा के अंतर्गत इंडक्शन प्लाज्मा पायरोलिसिस इंसीनरेटर क्षमता 100 किलोग्राम किलोग्राम प्रति घंटा ऑटोक्लेव क्षमता 100 किलोग्राम प्रति बैच के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोक सुनवाई बंजारी मन्दिर परिसर तराईमाल में दिनाँक 11.8.2021 को लोक सुनवाई अधिकारी, क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी एवं सैकड़ो ग्रामीणजनो,जन संगठन,जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।जन सुनवाई स्थल में कोविड़ 19 संक्रमण बचाव हेतु सेनेटाइजर,मास्क के साथ महिला पुरूषों की अलग कतार में अपनी अपनी बात रखी गई।
सर्वप्रथम प्रातः11 बजे लोक सुनवाई अधिकारी के अनुमति पश्चात पर्यावरण अधिकारी द्वारा लोक सुनवाई शासन के दिशा निर्देशों बताया गया।
रायगढ़ पहले ही पूरे देश में इंडस्ट्रियल हब के नाम से मशहूर हो गया है तो वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण की मात्रा भी कई गुना अधिक रायगढ़ में बढ़ गई है जिस कारण से रायगढ़ पूरे भारतवर्ष में सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्रों की गिनती में आने लगा है सैकड़ों की संख्या में छोटी-बड़ी उद्योग यहां स्थापित हो गई है और विकास के नाम पर सिर्फ यहां के स्थानीय लोगों को ठगा जा रहा है।
सैकड़ों की संख्या में उद्योग स्थापित होने के बावजूद भी शासन प्रशासन रोज नए उद्योगों को न्योता देकर यहां जनसुनवाई करवा रहा है जिसकी लगातार स्थानीय ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है पर उनके विरोध को दरकिनार कर जनसुनवाई को निरस्त न कर उद्योगों को विस्तार करने की अनुमति मिल रही है आज भी रायगढ़ के पूंजीपथरा में लगने वाले बायो मेडिकल ट्रीटमेंट प्लांट का जनसुनवाई का आयोजन हुआ इस जनसुनवाई में ग्रामीणों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पुरजोर विरोध किया सभी ने एक स्वर में कहा कि किसी भी स्थिति में यहां प्लांट लगाने नहीं दिया जाएगा और पहले यह प्लांट रायगढ़ शहर में लग रहा था पर वहां के लोगों के विरोध के कारण अब इस प्लांट को ग्रामीण क्षेत्र में लगाया जा रहा है जिससे ग्रामीण जनों की जान को काफी खतरा है इस ट्रीटमेंट प्लांट की वेस्टेज को और प्रदूषण को नियंत्रण करने का किसी भी प्रकार से कोई ठोस जवाब कंपनी द्वारा नहीं दिया जा रहा है और इसी के मद्देनजर ग्रामीणों द्वारा आज जनसुनवाई में पुरजोर विरोध किया गया।
अब देखना लाजिमी होगा कि ग्रामीणों के इस विरोध प्रदर्शन का शासन प्रशासन पर क्या असर होता है और इस ट्रीटमेंट प्लांट को अनुमति मिल पाती है कि नहीं। पर जब इस विषय में हमने स्थानीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि चाहे उन्हें सड़क पर आकर लड़ाई लड़नी पड़े वह उस उद्योग को अपने जगह स्थापित नहीं होने देंगे और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री के पास भी जाकर वह अपनी मांगों को रखेंगे।

