छत्तीसगढ़ के 36 जिलों में ऐतिहासिक नगरी धरमजयगढ़ भी बने एक जिला – मनदीप सिंह कोमल

छत्तीसगढ़ के 36 जिलों में ऐतिहासिक नगरी धरमजयगढ़ भी बने एक जिला – मनदीप सिंह कोमल
@धरमजयगढ़ को जिला बनाने क्षेत्र वासियों का मिल रहा अपार जन समर्थन
@पत्थलगांव की बनिस्पत धरमजयगढ़ को जिला बनाने पर सरकार को बहुत कम स्थापना व्यय होगा
धरमजयगढ़ @ संदेशा 24 असलम खान की रिपोर्ट

ऐतिहासिक नगरी के नाम से मशहूर धरमजयगढ़ स्टेट ज़माने से राजा महाराजाओं का गढ़ रहा है ।पूर्व में इसे उदयपुर रियासत कहा जाता था ,जो की रायगढ़ सरहद से जशपुर ,सरगुजा बॉर्डर तक बहुत बड़े भू भाग में फैला हुआ है।बता दें काफी लंबे समय से धरमजयगढ़ को जिला बनाने की पुरजोर मांग यहां की समस्त जनता और जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही है।सैकड़ों साल पुराना यहां का इतिहास है,जिसे आज भी गजट में देखा पढ़ा जा सकता है।जीवन दायिनी मांड नदी के तट पर बसे धरमजयगढ़ की विशाल पावन धरा में कई महान लोग पैदा हुए हैं और इतिहास में उनका नाम आज भी अजर अमर है।इसके माटी सपूतों ने सेना ,खेल सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश का नाम रोशन किया है ।इन मायनो से भी यहां रहने बसने वालों को जिला की मांग का अधिकार बनता है।
अभी हाल में विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत का बयान आया है की छत्तीसगढ़ में छत्तीस जिला बनाने की सलाह उनके द्वारा मुख्यमंत्री को दी गई है।इसी कड़ी में रायगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवम स्थानीय युवा तुर्क नेता मनदीप सिंह कोमल ने भी छत्तीसगढ़ भूपेश सरकार से यह पुरजोर मांग की है ,के छत्तीसगढ़ की छत्तीस जिलों में एक जिला उदयपुर के नाम से हमारी ऐतिहासिक नगरी धरमजयगढ़ को भी बनाया जाए।और ये मांग केवल उनकी नही बल्कि क्षेत्र के समस्त जनता भी यही चाहती है ।यही वजह है की श्री कोमल द्वारा सीएम से की गई मांग को सभी नागरिकों का हर वर्ग के लोगों का आपार जन समर्थन मिल रहा है।
बताना लाज़िमी है की 15 अगस्त को सारंगढ़ को जिला बनाने की घोषणा के बाद से क्षेत्रवासियों में धरमजयगढ़ को जिला बनाने की मांग तेजी से तुल पकड़ने लगी है।कांग्रेसी नेता मनदीप सिंह ने बताया कि हर दृष्टि से हमारा धरमजयगढ जिला बनाने के योग्य है।धरमजयगढ़ अगर जिला बनता है तो यहां सरकार को बहुत ही कम व्यय आएगा ।सही मायनो में देखा जाए तो ,पत्थलगांव की बनिस्पत यहां की भगौलिक स्थिति जिला बनाने के लिहाज से बेहद अनुकूल है।क्योंकि
यहां सरकारी जमीन पर्याप्त मात्रा में है।रेलवे लाइन भी पूरा होकर ट्रेन चलने के कगार पर है।जिला शिक्षा एवम प्रशिक्षण केंद्र डाइट यहां काफी लंबे से स्थित है ।इसके जिला बनाने से छाल , कापू,लैलूंगा,घरघोड़ा आदि तहसीलों में निवासरत लोगों को जिला मुख्यालय संबंधी कार्यों में काफी सुविधा होगी।
इसके आलावा सबसे महत्वपूर्ण बात धरमजयगढ़
एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। यहां अत्यंत निर्धन, मजदूर तबके के लोगों की बहुलता है।यहां से जिला मुख्यालय रायगढ़ लगभग 80 किलो मीटर पड़ता है,वहीं कापू एवम लैलूंगा से लगभग 110किलो मीटर की दूरी है।क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी एरिया में रहने वाले जनता को भारी आर्थिक क्षति एवम समय खर्च करना पड़ता है।जिला बनाने से यहां के गरीब आदिवासियों सभी तबके को बहुत फायदा पहुंचेगा।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद भूपेश सरकार से काफी उम्मीद जताई जा रही है ।ब्रिटिश ज़माने से देश प्रदेश में नाम कमाने वाले तथा मांड नदी के पावन तट पर स्थित धरमजयगढ़ को जिला जरूर बनाया जायेगा ।छत्तीसगढ़ की मौजूदा कांग्रेस सरकार से लोगों के मन में एक आश जागी है।
बहरहाल यहां की आम जनता और नेतागण ,पत्रकार बंधु सभी लोग दलगत राजनीति से परे एकजुट होकर सर्वदलीय मंच से धरमजयगढ़ को जिला बनाने की मांग कर रहे हैं।बता दें बहुत जल्द जिला बनाने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता मनदीप सिंह कोमलअपनी प्रतिनिधि मंडल टीम के साथ स्थानीय विधायक लालजीत सिंह राठिया से मिलकर उनसे इस विषय पर विशेष वार्ता करेंगे । तदुप्रान्त प्रभारी मंत्री से मुलाकात कर ।कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर धरमजयगढ़ को जिला बनाने ज्ञापन सौंपेंगे।

