भूप्रभावित श्रमिक संघ व कंपनी प्रबंधन की आम सहमति से शांतिपूर्ण माहौल मे हड़ताल की गई समापन

भूप्रभावित श्रमिक संघ व कंपनी प्रबंधन की आम सहमति से शांतिपूर्ण माहौल मे हड़ताल की गई समापन
?1 अक्टूबर 2021 से 113 लोगो को 4 चरणों मे रोजगार उपलब्ध कराने लिखित आश्वासन

तहसील @संदेशा 24 केलो बनांचल तहसील तमनार क्षेत्र स्थित गारे पेलमा 4/1 कोयला खदान से पूर्व में निकाले गए 153 श्रमिकों को पुनः नियमित रोजगार उपलब्ध कराने के लिये भू-प्रभावित श्रमिक संघ ने मोर्चा खोलते हुए कोल माइंस कार्यालय,एटीएम चौक के पास टपरंगा में 25 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन प्रारम्भ कर 153 श्रमिकों की रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बैठे हुए थे जो कि कई बार कंपनी प्रबंधन एवं श्रमिकों के बीच वार्तालाप करने के पश्चात आज दिनांक 31.8. 2021 को कंपनी प्रबंधन एवं भू प्रभावित श्रमिक संघ के प्रतिनिधि के बीच आम सहमति से लिखित आश्वसान के बाद शांतिपूर्ण माहौल में समझौता हुआ।

भूप्रभावित श्रमिकों के प्रतिनिधि दल के साथ संस्थान द्वारा 31.8. 2021 को दिए गए लिखित आश्वासन के तहत बैठक की गई जिसमें जिंदल पावर लिमिटेड तमनार एवं भू प्रभावित श्रमिकों के प्रतिनिधिगण उपस्थित हुए उक्त बैठक में आम सहमति से लिए गए निर्णय अनुसार प्रथम चरण 1.10. 2021 में कुल 113 लोगों को में से 50-55 लोगों को माइंस में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा एवं माइंस में कार्य प्रारंभ होने पर आवश्यकतानुसार द्वितीय चरण में 25 लोगों को तथा तृतीय चरण में 25 लोगों को एवं अंतिम चतुर्थ चरण में 113 में से शेष सभी लोगों को माइंस में रोजगार प्रदान कर दिया जाएगा। संस्थान की ओर से डी के भार्गव उपाध्यक्ष लॉयजन एवं जनसंपर्क, संदीप सांगवान उपाध्यक्ष एचआर विभाग व प्रभावित श्रमिकों की प्रतिनिधि में छबिशंकर गुप्ता,दूलोचन पटेल, घनश्याम पटेल,नंद कुमार बेहरा,गंगा राम साहू अन्य द्वारा आम सहमति से सफल हुआ। भू प्रभावित श्रमिक संघ टपरंगा के द्वारा विगत 25.08.2021 से इस आंदोलन के समर्थन करने आए क्षेत्र की जनप्रतिनिधि गण में सत्यानंद राठिया पूर्व मंत्री,हृदयराम राठिया पूर्व विधायक, सुरेंद्र सिदार जिला वनोपज अध्यक्ष, विनायक पटनायक,गोलू पटनायक,जतिन साव,बंशीधर चौधरी ,रमेश बेहरा,राजेश बेहरा,दयानंद पटनायक, पितेश बेहरा, यशपाल बहरा, सुरेश डगला, राजू बेहरा, हेमसागर सिदार धौराभाठा सरपंच सालिक राम सिदार मनीष ठेठवार, विजय राठिया अन्य जनप्रतिनिधिगण, सामाजिक कार्यकर्ताओ की सराहनीय भूमिका रही।


