देवगांव के रोहित नायक ने सीजी पीएससी में मारी बाजी,जनपद सीईओ के लिए हुआ चयन,बरमकेला क्षेत्र का बढ़ाया मान..

देवगांव के रोहित नायक ने सीजी पीएससी में मारी बाजी,जनपद सीईओ के लिए हुआ चयन,बरमकेला क्षेत्र का बढ़ाया मान..बरमकेला @ संदेशा 24 मोहन नायक की रिपोर्ट छत्तीसगढ लोक सेवा आयोग की परीक्षा परिणाम 2019 की जारी कर दी गई है। जिसमें बरमकेला ब्लाक से ग्राम देवगांव निवासी रोहित नायक का 31 वां रैंक के साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के लिए चयन हुआ है। जो कि पूरे अंचल के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
रोहित नायक की प्रारंभिक शिक्षा देवगांव के ही सरस्वती शिशु मंदिर में हुई ,उसके बाद आरसीईटी भलाई से बी ई करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी में पिता रामबल्लभ नायक एवं माता श्रीमती द्रोपती नायक की प्रोत्साहन एवं प्रेरणा से जुट गए ।जिससे वर्ष 2016 की परीक्षा में 723 वां रैंक, 2017 में 176 वां रैंक के साथ सहकारिता विस्तार अधिकारी बने ,2018 में 140 वां रैंक के साथ वाणिज्य कर निरीक्षक के रूप में चयन हुआ और 2019 में 31 वां रैंक के साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी बने। इसमें खास बात यह रही की हिंदी माध्यम की मुख्य परीक्षा में टॉपर रहे।इस तरह से रोहित नायक वर्ष 2016 से 2019 तक लगातार पीएससी की परीक्षा में सफलता अर्जित करते हुए अपनी रैंक में सुधार भी करते रहे।जो की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। जिसका श्रेय अपने माता पिता के अलावा भाई सोहन नायक बड़े पिता चित्रसेन नायक को दिया है।इसके अलावा परीक्षा की तैयारी में केशव पटेल (नायब तहसीलदार)जया पटेल (बाल विकास परियोजना अधिकारी), योगेश्वर द्विवेदी (सहकारिता विस्तार अधिकारी) रुपेश वर्मा अभिषेक दुबे (अधीक्षक) मित्र अतुल पटेल (सहायक संचालक) एवं सुनील नायक संयुक्त कलेक्टर का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा।युवा साथियो के लिए जो की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उस सम्बन्ध में रोहित नायक का कुछ सुझाव और सन्देश० पहले तो आप अपना एक लक्ष्य निर्धारित कीजिये।० निरंतर और सतत अभ्यास ,क्योकि पढ़ाई के बीच मे गेप आता है तो फिर से शुरुवात करने में समय लगता है०सिलेबस को अचछे से समझ लें,पुराने प्रश्न पत्रों को देखकर आइडिया लें किस तरह के प्रश्न आते हैं।० ज्यादा पुस्तकों को पढ़ने के बजाय कम चीज़ों को पढ़ें और बार बार पढ़ें० अपना स्वयं का छोटा नोटस तैयार करें रिवीजन में आसानी होता है।
०असफलताओ से पीछे नही हटें बल्कि उसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार करें देखे की गलती कँहा हुई है उसमें सुधार करें और फिर से उसी ऊर्जा के साथ लग जाये।०पढ़ाई के दौरान कई बार विद्यार्थी demotivate हो जाते है उससे बच्चे सकरात्मक सोच के साथ तैयारी करें मुझसे तो होगा ही एयर में ये कर सकता हूँ०सफल व्यक्तियों के बारे में पढ़ें अपने आसपास के सफल लोगो से मिलें उनसे चर्चा करें उनकी अच्छी चीज़ों को आप भी अपने जीवन शैली में अपनाएं।० तैयारी के दौरान अनुशासन बहुत ही महत्वपूर्ण है समय पर उठना, खाना और टाइम मैनेजमेंट अपना स्वास्थ्य अच्छा रखना।० अभिभावकों के लिए कहना चाहूंगा अपने बच्चों का मनोबल बढ़ाएं की आप जो सोच रहे है निश्चित ही कर सकते है इससे बच्चों को कॉन्फिडेंस आता है।०अंत मे यही मैं यही कहना चाहूंगा कि तैयारी करने के दौरान सफलता और असफलता का दौर लगा रहता है एक असफलता से अपने पैर पीछे नही खीचें , हिम्मत नही हारें और आत्मविश्वास बनाये रखें क्योंकि psc ही आपका अंतिम विकल्प नही है जीवन मे योग्य व्यक्ति बने यह ज्यादा मत्वपूर्ण हैं।मैं अपनी इस सफलता को अपना स्वयं का सफलता नही मानता मेरा परिवार ,मेरे गुरुजन, मेरे मित्र सहपाठी ,मेरा गांव ,पूरे अंचल की सफलता मानता हूं। मानता हूं कि मुझे सफलता जरूर मिली है लेकिन मैं अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अभी भी प्रयासरत हूँ और आगे भी हर संभव प्रयास करूँगा।
मेरे विद्यार्थी जीवन मे शुरू से लेकर अब तक मेरे परम मित्र श्री रूपेश वर्मा जी का सहयोग हमेशा रहा है मेरे हर सुख दुख में मेरा मनोबल बढ़ाने के लिए मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा, अन्य साथी और अंचल के लोगों से यह कहना चाहूंगा कि कभी भी मेरे लायक carrier guidance की आवश्यकता होगी तो आप मुझसे या मेरे पिताजी से संपर्क कर सकते हैं मुझे आपका सहयोग करने में खुशी होगी।

