शहीद विप्लव उनकी पत्नी एवं बेटा पंचतत्व में विलीन हुए, रायगढ़ के लाल को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब

शहीद विप्लव उनकी पत्नी एवं बेटा पंचतत्व में विलीन हुए, रायगढ़ के लाल को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब
तमनार @ संदेशा 24 शहर का बेटा और त्रिपाठी परिवार का चिराग ड्यूटी के दौरान माओवादियों की ओर से किए गए हमले से मणिपुर में शहीद हो गया था। इसके साथ साथ उसकी पत्नी और एक 5 साल का बेटा भी शहादत को प्राप्त हुए थे। दोपहर 12:35 पर सेना के विशेष विमान से आज इनके पार्थिव शरीर को उनके रायगढ़ स्थित जिंदल एयरपोर्ट पर लाया गया जिसके बाद उन तीनों के पार्थिव शरीर को एक झलक देखने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। यहां से लोगों के हुजूम और गाड़ियों के काफिले के साथ साथ फूलों से सजाई गई गाड़ी में शहीद एवं उसके परिवार के तीनों पार्थिव शरीर को लेकर उनके निवास पर लाया गया।

यहां कुछ पल के लिए शवों को रखा गया और फिर रामलीला मैदान में शहरवासियों के अंतिम दर्शन हेतु रखा गया यहां पर सेना और पुलिस के जवानों के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारियों राजनीतिक दलों के नेताओं और परिवार सहित शहर वासियों ने शहीद कर्नल विप्लव उनकी पत्नी एवं बेटे को नमन करते हुए नम आंखों से विदाई दी ।पार्थिव शरीर को रामलीला मैदान में अंतिम दर्शन के बाद एक बार फिर फूलों से सजी गाड़ी में रखा गया और नगर भ्रमण करते हुए सर्किट हाउस के समीप स्थित मुक्तिधाम ले जाया गया यहां सेना की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जिसके बाद कर्नल के छोटे भाई जो स्वयं सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल है उन्होंने शाम 5:00 बजे मुखाग्नि देते हुए उनका अंतिम संस्कार किया।
शहर की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
आज रायगढ़ में हर व्यक्ति की आंखें नम थी शहीद कर्नल और उनके शहीद हुए परिवार की एक झलक पाने लोग बेताब थे यही कारण था कि जिंदल एयरपोर्ट से रामलीला मैदान और फिर यहां से मुक्तिधाम तक की अंतिम यात्रा के दौरान सड़कों के दोनों ओर विशालकाय जनसमुदाय नम आंखों से अपने हाथों में फूल लिए और हाथ जोड़े हुए नजर आ रहा था। शहर के शहीद बेटे के इस अंतिम यात्रा को सहेजने के लिए मोबाइल से वीडियो और फोटो बनाए जा रहे थे। पूरे काफिले में शहीद भारत मा के जयकारे लगाते हुए शहरवासी देश भक्ति के जज्बे में समाए हुए थे।



