सरस्वती शिशु मंदिर का संकुल स्तरीय दो दिवसीय आवर्ती वर्ग प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न ?संस्कारवान व्यक्तित्व एवं सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा ही मानव जीवन का सार – सुनीति राठिया

सरस्वती शिशु मंदिर का संकुल स्तरीय दो दिवसीय आवर्ती वर्ग प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न
?संस्कारवान व्यक्तित्व एवं सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा ही मानव जीवन का सार – सुनीति राठिया तमनार @ संदेशा 24सरस्वती शिशु मंदिर राजपुर के प्रागंण में दो दिवसीय संकुल स्तरीय मासिक आवर्ती वर्ग प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन समारोह में पूर्व विधायक सुनीति सत्यानंद राठिया के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।
सर्वप्रथम मां भारती, माता सरस्वती,ओंकार प्रतिमा पर माल्यार्पण और पूजा अर्चना कर कार्यक्रम की शुरूवात किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला में संकुल क्षेत्र के 7 शिशु मंदिर के शिक्षक शिक्षिकांओं ने प्रशिक्षण में भाग लिया इस अवसर पर सभी शिक्षकों को बौद्धिक ज्ञान, नैतिक और शारीरिक ज्ञान का अध्यात्म बोध कराया गया। प्रतिदिन समय सारणीनुसार नई शिक्षानीति पर चर्चा, योजना विषय सत्र और विभिन्न गतिविधियों के साथ प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण समापन समारोह के अवसर पर राठिया ने सभी शिक्षक एवं शिक्षिकांओ को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन में गुणवान व्यक्तित्व निर्माण करने में एवं संस्कारवान आदर्श विद्वार्थी कहलाने का एक मात्र आधार है क्योकि शिक्षा के बिना आप किसी भी क्षेत्र में विकास नही कर पायेंगे न ही परस्पर इस प्रतिस्पर्धा वाली समाज में प्रतिष्ठा व सम्मान के पात्र बन सकेगें। साथ ही उन्होने कहा कि करोना काल के लम्बे समय पश्चात इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन हो पाया है यह हम सबके लिए हर्ष का विषय है और आप सब धन्य एवं बधाई के पात्र है जो कि विद्वार्थी के जीवन से अज्ञानमई अंधकार को दूर कर ज्ञानरूपी प्रकाश से संस्कारवान एवं गुणवान व्यक्तित्व के निर्माण में सहायक है इसके साथ श्रीमती राठिया ने विद्या को मानव जीवन का सार बताया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक सुनीति राठिया, समिति अध्यक्ष हेमसागर पैंकरा, जिला मंत्री आदिवासी मोर्चा भगतुराम भगत,ऋषि भोय,पालुराम भगत(मंडल महामंत्री), विजय कुराल, रायबहादुर बेहरा सहित समस्त प्राचार्यों की उपस्थिति रही।

