जय गुरुदेव सतसंग व नामदान कार्यक्रम रायगढ़ में सम्पन्न @ आत्मकल्याण का रास्ता अपनाएं शाकाहारी का संकल्प लें-उमाकांत जी महाराज

जय गुरुदेव सतसंग व नामदान कार्यक्रम रायगढ़ में सम्पन्न @ आत्मकल्याण का रास्ता अपनाएं शाकाहारी का संकल्प लें-उमाकांत जी महाराज
तमनार @ संदेशा 24 @ दुलेंद्र पटेल
विश्वविख्यात परम् संत सदगुरू बाबा जय गुरुदेव जी महाराज के आध्यात्मिक जानसीन उत्तराधिकारी वक्त महापुरुष बाबा उमाकांत जी महाराज अपने आश्रम उज्जैन से हुजूम के साथ जगह-जगह सतसंग एवं नामदान कार्यक्रम करते हुए 26 अगस्त को सुबह के 11बजे रायगढ़ के उत्सव आईलैंड में सतसंग एवं नामदान की बरसात की जिले के जय गुरू देव के अनुयाइयों के द्वारा भव्य सतसंग का आयोजन किया गया।

जिसमें अपने नामदान यानी आत्मकल्याण का रास्ता भी दिया। बाबा उमाकांत जी महाराज ने सतसंग में बताया कि समय-समय प्रभु के जगाये हुए नाम जैसे-त्रैता में राम, द्वापरयुग में कृष्ण और अभी कलयुग में समस्त जीवों को भवसागर पार लगाने की ताकत रखने वाले वर्तमान के नाम “जय गुरुदेव” नाम का प्रचार करने वाले,आने वाली तकलीफों को एडवांस में रफादफा करने का उपाय बताने वाले,न केवल अपने भक्तों बल्कि उनसे जुड़े सब लोगों की चिंता फिक्र करने वाले वक्त के महापुरुष संत सदगुरु दु:खहर्ता त्रिकालदर्शी परम दयालु उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 26 अगस्त को रायगढ़ उत्सव आईलैंड में सतसंग में बताया कि ये जय गुरु देव नाम में उस प्रभु की पूरी शक्ति पावर भरा हुआ है। आप किसी को यकीन न हो तो बोल कर के देख लेना। बहुत से लोग मुसीबत में बोले और उनकी रक्षा हुई। आज सतसंग में इतना बताने का समय नहीं है लेकिन आपको विश्वास न हो तो इन्हीं में मौजूद सतसंगीयों में से कई लोगों से पूछोगे तो कोई न कोई बतायेगा कि इस तरह से हमारी रक्षा हुई। मरने वाले के कान में,डुबते समय,मधुमक्खियों द्वारा छेदते समय आदि, जब जय गुरु देव नाम बोले तो हमारी इस तरह से मदद हुई, खुद बतायेंगे।
जय गुरु देव को समझ लो और बोलना शुरू कर दो। अब आप मुसीबत आए तब परीक्षा लो तो मुसीबत आवे ही क्यों? पहले ही जयगुरुदेव नाम को समझ लो और बोलना शुरू कर दो। बिमारियाँ साथ नहीं छोड़ती हैंं । कुछ लोग ऐसे भी हैं कि तनख्वाह मिली ही नहीं कि दवा के लिए पहले ही निकाल कर रख देते हैं कि इतना पैसा दवा में जाएगा। बहुत से लोगों की आदत ही बन गई दवा खाने की। यह माताऐं-बहने बच्चीयां भोजन की थाली में दवा ही साथ में रख देती हैं कि बिना दवा के हजम नहीं हो सकता है। जो संयम नियम का पालन नहीं करते वह रोगी ही बने रहते हैं। जो संयम नियम से नहीं रहते हैं उनको,मांसाहारीयों को ज्यादा बिमारियाँ होती है। बुरा काम, बुरा आचरण करने वाले को बिमारियां जब पड़ती है तो जल्दी छोड़ती नहीं है। मुक्ति-मोक्ष की बात तो छोड़ो, व्यभिचारियों को ऐसी बीमारी पकड़ती है कि उठ नहीं पाते हैं।
बीमारी आने से पहले ही स्टे आडर ले लो, देखो भाई बीमारी आवे ही क्यों? पहले ही स्टे ले लो। वहीं रुक जा, बहुत ऊंचा ब्रेकर है, इधर चढ़कर नहीं आ सकती है,बीमारीयां जो आ रही है दलबल के साथ । ये कैसे होगा? जय गुरु देव नाम की ध्वनि एक घंटा सुबह-शाम बोलना और बुलवाना शुरू कर दो। दलबल के साथ आने वाली बीमारियों से परिवार को बचाने का उपाय । देखो रिस्ता है आपका, आपको देख कर के बच्चे भी रोने लगते हैं,परिवार के लोग भी दु:खी हो जाते हैं,तो परिवार वालों को सुखी रखना भी जरूरी है इसलिए नाम ध्वनि जब होने लग जाएगी,खराब होती आदतों वाले बिगड़ते बच्चे,बिगड़ते पति,बिगड़ती पत्नी,सबके अंदर सुधार आयेगा। एक घंटा सुबह-शाम जयगुरुदेव नाम की ध्वनि बोलना और बुलवाना शुरू कर दो तकलीफों का स्टे हो जायेगा। जैसे कोर्ट कचहरी में स्टे आर्डर ले लेते हो की हमारी गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए, इस जमीन की जुताई अब कोई न करें, यथास्थित रह जाये-इसी तरह से रोक लग जाएगी। नाम ध्वनि बोलो और घरवालों को भी बोलवाओ। शाकाहारी नशा मुक्त हो रह कर के जो भी कोई बोलेगा उसको जल्दी से जल्दी फायदा मिलेगा। ऐसे बोलना रहेगा- जयगुरुदेव जयगुरुदेव जय जय गुरुदेव
इस कार्यक्रम में जिले अंदर और बाहर से आध्यात्मिक प्रेमी जन आकर सतसंग एवं नामदान का लाभ उठाया। वक्त के संत सदगुरु बाबा उमाकांत जी महाराज से अपने आत्मकल्याण का रास्ता लिया एवं शाकाहारी रहने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में जयगुरुदेव संगत रायगढ़ के सभी सतसंगीयों न तन-मन,धन से समर्पित होकर सभी प्रकार की सेवा किया साथ ही साथ सतसंग में सभी श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद के साथ देशी घी से बना “लौंगलता” नामक एक प्रसिद्ध मिठाई का वितरण किया गया।इस प्रकार यह कार्यक्रम बाबा “उमाकांत”जी महाराज की दया मेहर से शांति पूर्वक सम्पन्न हुआ।

