संगीतमय श्रीमद भागवत कथा तराईमाल में भव्य आयोजन ?कलियुग में प्रभु प्राप्ति हेतु श्री राधे कृष्ण भागवत कथा का करें श्रवण- देवी राधेप्रिया

संगीतमय श्रीमद भागवत कथा तराईमाल में भव्य आयोजन
?कलियुग में प्रभु प्राप्ति हेतु श्री राधे कृष्ण भागवत कथा का करें श्रवण- देवी राधेप्रिया
तमनार @संदेशा 24 @ दुलेन्द्र पटेल 16.5.2023
केलो नदी से लगे माँ बंजारी के गोद में बसे ग्राम तराईमाल में पूज्या देवी राधे प्रिया श्रीधाम वृन्दावन की मुखारबिंद से संगीतमय श्रीमद भागवत कथा प्रथम दिवस वेदी पूजन एवं भागवत महात्मय से कथा शुभारम्भ हुआ।

किसी भी समाज में संस्कृति सभ्यता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए विभिन्न परंपराओं को आत्मसात करने की परंपरा रही है जिसके लिए विविध धार्मिक अनुष्ठान यज्ञ हवन भजन कीर्तन,रामायण श्रीमद भागवत कथा आदि कराए जाते रहे हैं।
अखिल कोटि ब्रह्माण्ड नायक वृन्दावन युगल सरकार भगवान श्री राधा कृष्ण की कृपा से संगीतमय् श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ हेतु कथा वाचक देवी राधे प्रिया जी श्रीधाम वृन्दावन के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत महात्म्य में शुकदेव ने राजा परिक्षित को कथा सुनाई वही देवताओ ने अमृत कलश के बदले कथा अमृत पान कराने आव्हान किया।कथा के प्रति आस्था श्रद्धा न हो तो कथा सुनने का अधिकार नही होती है। कलयुग में प्रभु प्राप्ति हेतु श्रीकृष्ण के गुणों का श्रवण करने के लिए भागवत कथा पुराण है। श्रीमद भागवत कथा पुराण साक्षात भगवान श्री कृष्ण है। संसार परिवर्तनशील है लेकिन आत्मज्ञान आनन्द कभी समाप्त नही होती है।अन्तरात्मा से आनन्द होने पर मनुष्य सुखी रहता है। श्रीमद भागवत का महात्म्य कथा सुनाते हुए बताया कि वेद, वेदांत, उपनिषद आदि ग्रंथों का निचोड़ श्रीमद् भागवत में है।कलियुग में दैहिक दैविक भौतिक तापों से मुक्ति हेतु श्रीकृष्ण के गुणों का श्रवण करने के लिए श्रीमद् भागवत विशेष ग्रंथ है। श्रीमद् भागवत कथा का 7 दिनों तक श्रवण करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप धुल जाते हैं इसके श्रवण मात्र से मानव गृहस्थ धर्म के कर्तव्यों का पालन करते हुए भवसागर परम लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
आयोजन समिति ग्रामवासी द्वारा संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति ज्ञान,वैराग्य की पावन त्रिवेणी गंगा में गोता लगाने सपरिवार पधारकर पुण्य के भागीदार बनने आव्हान की गई है। 17 मई बुधवार को महाभारत की कथा जड़भरत कथा 18 मई बुधवार वामन चरित्र 19 गुरुवार श्री राम कथा कृष्णा जन्मोत्सव 20 मई शुक्रवार श्री कृष्ण बाल लीला वर्णन गोवर्धन 21 मई शनिवार रुकमणी विवाह 22 मई रविवार को सुदामा चरित्र 23 मई सोमवार हवन, पूर्णाहूति एवं तुलसी वर्षा, सहस्त्रधारा, ब्राम्हण भोज महाप्रसाद विशाल भंडारा दी जाएगी।


