विधायक चक्रधर सिंह ने तराईमाल में श्रीमद भागवत कथा श्रवण कर लिया आशीर्वाद?बच्चों को मेहनती स्वालम्बी,आत्मनिर्भर,संस्कारी सद्चरितवान बनाएं – देवी राधेप्रिया

विधायक चक्रधर सिंह ने तराईमाल में श्रीमद भागवत कथा श्रवण कर लिया आशीर्वाद?बच्चों को मेहनती स्वालम्बी,आत्मनिर्भर,संस्कारी सद्चरितवान बनाएं – देवी राधेप्रियातमनार @ संदेशा 24 @ दुलेन्द्र पटेल 17.5.2023 केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य तहसील तमनार के प्रसिद्ध माँ बंजारी के गोद में बसे ग्राम तराईमाल में पूज्या देवी राधे प्रिया श्रीधाम वृन्दावन की मुखारबिंद से संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक पूज्या देवी राधे प्रिया ने आत्मदेव ब्राम्हण को पुत्र प्राप्ति गोकर्ण और धुंधकारी की कथा,महाभारत की कथा रसपान कराया। लैलूंगा विधायक चक्रधर सिंह सिदार,राजेन्द्र महाराज,बिहारी लाल पटेल,तन्नूराम मालाकार सहित विशिष्ट व्यक्तियों हजारो श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर आशीर्वाद लिया।
पूज्या देवी राधे प्रिया ने गोकर्ण और धुंधकारी की कथा सुनाते बताया कि धुंधकारी शराबी अत्याचारी अधर्मी था मृत्यु के पश्चात वह अपने पापों के कारण प्रेत बन गया। उसके भाई गोकर्ण नारायण भक्त धार्मिक थे। धुंधकारी के श्राद्ध व पिंडदान करवाया ताकि उसे मोक्ष प्राप्त हो सके। लेकिन मृत्यु के बाद धुंधकारी प्रेत बन गया। धुंधकारी के कुकर्मों के कारण पिंडदान के बाद मुक्ति नहीं मिली।
गोकर्ण महाराज के भागवत कथा में धुंधकारी ने 7 दिन श्रद्धा भाव से कथा श्रवण कर प्रेतयोनि से मोक्ष की प्राप्ति होकर बैकुण्ठवास प्राप्त हुए। सच्चे मन निस्वार्थ भाव से कथा श्रवण भजन करने से प्रभु प्राप्ति होती है। कथा के माध्यम से बताया कि अपने बच्चों को अनावश्यक धन न दें, अत्यधिक धन देने के कारण बच्चे मनमानी खर्च कर राह से भटकने लगते हैं। अपने बच्चों को मेहनती स्वालम्बी आत्मनिर्भर संस्कारी सद्चरितवान बनाएं। जब कोई किसी का अहित करता है तो खुद का अहित होता है। अकारण कभी भी किसी का निंदा न करें। दुसरो के दोष गुण की निंदा नहीं करनी चाहिए।
आयोजन समिति ग्रामवासी तराईमाल द्वारा संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति ज्ञान,वैराग्य की पावन त्रिवेणी गंगा में गोता लगाने सपरिवार पधारकर पुण्य के भागीदार बनने आव्हान की गई है।

