ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय में वृक्षारोपण कर धूमधाम से मनाया गया जेएसपी के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल जी का जन्मदिन

ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय में वृक्षारोपण कर धूमधाम से मनाया गया जेएसपी के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल जी का जन्मदिनतमनार @संदेशा 24ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय (OPJU), रायगढ़ में जेएसपी के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल जी का जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस विशेष अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम का आरम्भ श्री नवीन जिंदल जी के प्रति सम्मान, उनके द्वारा किए गए आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय योगदान पर चर्चा और केक काटकर किया गया। इस दौरान उनके पर्यावरण संरक्षण के महत्व और इसके स्थायित्व के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी विचार व्यक्त करते हुए सभी को इस दिशा में कदम से कदम मिलाकर कार्य करने के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ अनुराग विजयवर्गीय ने प्रेरित किया। उन्होंने कहा की श्री नवीन जिंदल जी ने हमेशा पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्राथमिकता दी है और उनका मानना है कि प्रकृति की रक्षा से ही समाज की सच्ची सेवा हो सकती है।
श्री नवीन जिंदल जी के जन्मदिन को सार्थक एवं यादगार बनाने के लिए, केक काटने की रस्म के पश्चात विश्वविद्यालय के छात्रों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने मिलकर विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 100 पौधे लगाए, जिनमें फलदार और छायादार पौधों को प्राथमिकता दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और श्री नवीन जिंदल जी के जीवन से प्रेरित होकर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व को बताना था।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ आर. डी. पाटीदार ने श्री नवीन जिंदल जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दिया और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ कार्यक्रम के आयोजन के लिए सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सराहना की।
अपने सन्देश में उन्होंने कहा की, “प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी है कि हम उसे बचाने और संरक्षित करने में योगदान दें। हर एक पेड़ हमारी ज़िंदगी में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और हमें इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखना चाहिए।” कार्यक्रम के अंत में सभी ने श्री नवीन जिंदल जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त किया और एकजुट होकर धरती को और भी हरित बनाने का संकल्प लिया।


