नवरात्रि द्वितीय दिवस मां ब्रह्मचारिणी की पूजा,

नवरात्रि द्वितीय दिवस मां ब्रह्मचारिणी की पूजा,
तमनार @संदेशा 24
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में उनका प्रिय भोग क्या है और पसंदीदा रंग कौन सा है? ये जानकर माता के आह्वान के लिए बीज मंत्र का जाप करें।
चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुका है, जहां मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है। नवरात्रि के दूसरे दिन, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है, जो तपस्या और त्याग की प्रतीक हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी इस तपस्या के कारण ही उन्हें ब्रह्मचारिणी नाम मिला।

मां ब्रह्मचारिणी की विधि विधान से पूजा की जाती है। इसके लिए उनका प्रिय भोग अर्पित करें, मंत्रों का जाप करें। अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को नवरात्रि के दूसरे दिन की शुभकामनाएं भेजें और उन्हें बताएं कि आज के दिन मां ब्रह्मचारिणी का आह्वान करना चाहिए।
मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप तप, त्याग, वैराग्य, संयम और सदाचार का प्रतीक है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की अराधना करने के लिए उनके चमत्कारी बीज मंत्र का जाप करें। इसके लिए मां ब्रह्मचारिणी के बीज मंत्र, साथ ही पूजन मंत्र का जाप करें।
यहां नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के प्रिय भोग, उनके प्रिय रंग के वस्त्र और बीज मंत्र बताए जा रहे हैं।
नवरात्रि के दूसरे दिन की शुरुआत मां ब्रह्मचारिणी के मंत्रोच्चारण के साथ करें।
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

मां ब्रह्मचारिणी को सफेद रंग प्रिय है।। सफेद रंग शुद्धता, शांति और सादगी का प्रतीक है। इसे पहनने से मन शांत रहता है। सफेद सूट पहनकर पूजा करने से मन शांत रहता है। ये रंग आपके आत्मिक शक्ति को बढ़ाता है।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में दूध, चीनी और पंचामृत का भोग लगाना शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में पंचामृत को पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में पवित्र भोग का दर्जा दिया गया है। इसलिए नवरात्रि के दूसरे दिन, मां ब्रह्मचारिणी को पंचामृत अर्पित करना एक विशेष प्रथा है, जिससे माता रानी की विशेष कृपा बरसती है।
मां ब्रह्मचारिणी का पूजन मंत्र-
दधाना करपाद्याभ्याम, अक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि, ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।


