केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य ग्राम मिलुपारा में कलेक्टर भीम सिंह एवं वनभूमि पर काबिज आदिवासियों के साथ हुई चर्चा परिचर्चा

केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य ग्राम मिलुपारा में कलेक्टर भीम सिंह एवं वनभूमि पर काबिज आदिवासियों के साथ हुई चर्चा परिचर्चा

तमनार /दुलेन्द्र पटेल 6.2.2021
केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य ग्राम मिलुपारा में कलेक्टर भीम सिंह एवं वनभूमि पर काबिज आदिवासियों के साथ हुई चर्चा परिचर्चा
तमनार /दुलेन्द्र पटेल 6.1.2021 रायगढ़ जिले के संवेदनशील कलेक्टर भीम सिंह जी द्वारा आज तमनार तहसील के आदिवासी बाहुल्य कोयलांचल ग्राम मीलूपारा में दौरा किया गया। वन भूमि पर काबिज लोगों व कई सामाजिक संगठन ने वन अधिकार पत्रक नही मिलने सम्बन्धी चर्चा परिचर्चा की गई।
मिलूपारा के सिदार पारा मोहल्ले में लगभग 300 आदिवासी ग्रामीण उपस्थित थे और स्थानीय नागरिकों ने एक-एक करके अपनी मांग रखी लोगों ने वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों किए गए दुर्व्यवहार के बारे में शिकायत की जिस पर वन मंडल अधिकारी ने कार्रवाई करने की बात कही। ग्रामीणों ने बताया कि भूमि उनके पूर्वजों की है जिस पर वह खेती करते आ रहे हैं और उन्हें वन अधिकार पट्टा मिलना न्यायोचित है इस संदर्भ में ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि मिलुपारा में वन अधिकार कानून के तहत वन भूमि के अपवर्तन के लिए ग्राम सभा की अनापत्ति नहीं ली गई और इसके जवाब में कलेक्टर महोदय ने तत्कालीन कलेक्टर के द्वारा जारी किया गया अनापत्ति प्रमाण पत्र दिखाकर ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण किया। एसडीएम द्वारा बताया गया कि कुल 6 लोगों ने उन्हें एक समय पर आवेदन किया था और उन्हें पट्टा जारी करने के साथ-साथ मुआवजा भी दिया गया था बाकी आवेदक आयोग्य होने पर उनके को खारिज किया गया था सरकारी अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि ए आर आई और संस्थाओं के आदेश का सुनियोजित रूप से पालन होगा। कलेक्टर ने कहा कि वर्ष 2011 में जब जमीन शासन के द्वारा लीज पर दी गई उसके पूर्वज इन ग्रामीणों के कब्जे वन भूमि पर थे और जिन्होंने वन अधिकार पट्टा के लिए आवेदन किया था उसकी हम जांच कराएंगे जांच उपरांत सही पाए जाने पर उन्हें आगे मुआवजे की कार्रवाई के लिए शासन को प्रेषित किया जाएगा उन्होंने यह भी साफ किया कि जिन लोगों ने आवेदन नहीं किया था उनके बारे में कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती बैठक की समाप्ति में कलेक्टर ने लोगों को आश्वस्त किया कि जरूरत पड़ने पर विभिन्न विभागों की एक समिति बनाकर कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञात हो कि क्षेत्र के आदिवासियो द्वारा कई वर्षों से वन भूमि पर काबिज होने पर भी वन अधिकार पत्रक नहीं मिल पाने से सवैधानिक अधिकार हेतु लम्बी लड़ाई लड़ रहे है। 15 दिसम्बर 2020 को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के द्वारा वन अधिकार मान्यता कानून स्थापना दिवस एवं ज़िला कलेक्ट्रेट रायगढ़ का हजारों लोगों ने घेराव कर कलेक्टर महोदय जी को ज्ञापन सौपा था। जिला कलेक्टर ने आश्वासन दिया था कि वें स्वयं चलकर गांव में आकर मौका जांच करने बात कही गई थी।जिस पर 6 जनवरी 2021 को कलेक्टर,एसडीएम,तहसीदार,डीएफओ अन्य प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियो द्वारा मौका में पहुँच कर जांच कर वन भूमि पर काबिज लोगों से चर्चा परिचर्चा की गई।

