जिंदल के खिलाफ वादाखिलाफी से नाराज़ ग्रामीण 21 जनवरी से होंगे लामबंद, झूठे वादे व नौकरी ना दिए जाने के कारण किया जाएगा अनिश्चित कालीन हड़ताल व चक्काजाम….. पढ़ें पूरी खबर…

जिंदल के खिलाफ 21 जनवरी से लामबंद होंगे ग्रामीण
?जिंदल की वादाखिलाफी से है नाराज
?जिंदल कंपनी के द्वारा गोद लिए हुए गांव के किसानों से जमीन खरीदी किए जाने के बाद भी किसी भी तरह का रोजगार, नौकरी नहीं दिया गया केवल झुटा वायदा किया गया इसी कारण अनिश्चित कालीन हड़ताल और चक्का जाम किया जाएगा ।
?किसानों की जमीन लेकर अब तक नहीं दिया रोजगार
रायगढ़। जिंदल की वादाखिलाफी को लेकर एक बार फिर ग्रामीणों का आक्रोश राख में दबी चिंगारी की तरह सुलगने लगा है।चिंगारी लावा में तब्दील होने 21जनवरी का इंतजार कर रही है।
इसके लिए बाकायदा न केवल गांवों के चौपालों में बैठक शुरू हो चुकी है,बल्कि आंदोलन की रणनीति तैयार करने रूपरेखा भी बनाई जा रही है।इतना तो तय है कि जिस तरह से ग्रामीण इस दफे आक्रोशित नजर आ रहे है,उससे जिंदल की मुश्किलें बढ़ना तय है।दरअसल कोसमपाली में सीमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए सालों पहले जेएसपीएल प्रबंधन द्वारा सालों पहले गेजामुड़ा, धनांगर,कोसमपाली बघनपुर जैसे गांवों की उपजाऊ भूमि को काफी बड़े पैमाने पर अधिग्रहण किया गया था।इसके लिए ग्रामीणों को बकायदा रोजगार और विकास का सब्जबाग दिखाते हुए उन्हें स्वर्णिम भविष्य का ख्वाब दिखाया गया था।लेकिन प्लांट स्थापित होने के बाद कंपनी प्रबंधन अपने वायदे से मुकर गई।खुलेआम पुर्नवास विस्थापन नीति की धज्जियां बिखेरी गई।प्राभावितो ने इस वादाखिलाफी को लेकर कई बार प्रशासन के दरवाजे को खटखटाया।बावजूद उसके न प्रशासन की नींद खुली और न ही जिंदल की।।लिहाजा थकहार कर अब ग्रामीणों ने आरपार की लड़ाई का शखनांद कर दिया है।।धनांगर गांव के ग्रामीणों ने अल्टीमेटम जारी कर दिया है। अल्टीमेटम की अंतिम तारीख 21 जनवरी सुबह 8 बजे तक रखी है। तय मियाद में वादा पूरा नहीं करने पर ग्रामीण सैकडों की संख्या में कम्पनी के खिलाफ धावा बोल देंगे।
