ग्राम पंचायत सचिव व रोजगार सहायक संघ द्वार प्रभारी जनपद सीईओ के ट्रांसफर हेतु अनिश्चितकालीन हड़ताल

ग्राम पंचायत सचिव व रोजगार सहायक संघ द्वार प्रभारी जनपद सीईओ के ट्रांसफर हेतु अनिश्चितकालीन हड़ताल

तमनार /दुलेन्द्र पटेल 9.2.2021 केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य जनपद पंचायत तमनार में सचिव व रोजगार सहायक संघ सीईओ बी आर साहू के खिलाफ मोर्चा खोल कर बैठ गया है। माहौल को देखकर लगता है कि इस बार सचिव संघ आर पार की लड़ाई के मूड में हैं।बिते दिसंबर व जनवरी माह में पुरे छत्तीसगढ़ के सचिव संघ एक सुत्रीय मांग व रोजगार सहायक संघ तीन सुत्रीय मांग पर हडताल पर थे,धरना समाप्त करने के पश्चात सचिवों को पुनः अपने काम पर जाने की आदेश मिला था। लेकिन तमनार सीईओ बीआर साहू के खिलाफ सचिव संघ व रोजगार सहायक संघ ने मोर्चा खोल दिया है।

सोमवार से तमनार में सचिव संघ व रोजगार सहायक संघ के द्वारा तमनार तहसीलदार के माध्यम से राज्य मानव अधिकार आयोग,कमिश्नर बिलासपुर,रायगढ़ सांसद, लैलूंगा विधायक, जिला पंचायत सी ई ओ,अनुविभागीय अधिकारी घरघोड़ा, तमनार थाना प्रभारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, तमनार सी ई ओ,अध्यक्ष जिला सचिव व रोजगार सहायक संघ,तमनार के सभी संगठनों व तमनार के सचिव सरपंच को प्रतिलिपि दी है।
सचिव संघ तमनार ने बताया कि बिगत सप्ताह कलेक्टर व जिला सीईओ को ज्ञापन सौंप कर जनपद पंचायत तमनार के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेद राम साहू को तत्काल अन्य जगह में स्थानांतरित करने की मांग की गई है।
बताया गया है कि उनको प्रभारी सीईओ वेद राम साहू द्वारा आए दिन मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है जिससे वे उनके साथ काम करने में असमर्थ है।सचिव संघ अध्यक्ष ने बताया कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायतों के अभिलेख का जांच कराकर सरपंच एवं सचिव से मोटी रकम वसूली किया गया है तथा ग्राम पंचायत स्तर के कई निर्माण कार्यों को स्वयं के द्वारा ठेकेदारी से कराई जा रही है। सचिवों ने आरोप लगाया है कि कार्यालय रूपी मंदिर को उनके द्वारा आए दिन मांस मदिरा का सेवन कर दूषित किया जा रहा है तथा अभद्रता पूर्वक व्यवहार कर दबाव पूर्वक कार्य कराए जाने का भी आरोप सचिव एवं रोजगार सहायकों ने लगाया है।
जिसके अनुसार काम बंद-कलम बंद, सामुहिक धरना, रैली, आंदोलन, क्रमिक भूख हडताल एवं अनशन तब तक जारी रखेंगे जब तक प्रभारी मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तमनार के स्थानांतरण नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान इसकी संपूर्ण जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी।
