तमनार में श्रीमद्भागवत कथा से कण कण राधे राधे नाम से गूंजयमान

तमनार में श्रीमद्भागवत कथा से कण कण राधे राधे नाम से गूंजयमान

तमनार / दुलेन्द्र पटेल 18.3.2021
तमनार की पावन धरा मे श्रीमद् भागवत कथा परम पूज्य पंडित श्री श्री 1008 हरे कृष्ण दास जी महाराज (वृंदावन वाले) व्यासपीठ को अलंकृत कर कथा अमृत का रसपान करा रहे हैं।तमनार नगरी का कण कण राधे राधे नाम से गूंज रहा है।बाजारपरा तमनार में स्वर्गीय नानदाई केदारनाथ जायसवाल के पुण्य स्मृति में शिव,हनुमान व शनि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में मुरलीधर जायसवाल कुमारी जायसवाल परिवार द्वारा श्रीमद्भागवत कथा आयोजन कराया जा रहा है।

तमनार के सैकड़ो माता बहनो भक्तगणों द्वारा 14 मार्च को विशाल कलश शोभायात्रा में शामिल होकर कलश स्थापना किये।15 मार्च को श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य भागवत जन्म,परिक्षित जन्म,कुंती चरित्र,भीष्म अवतार,16 मार्च को ध्रुव चरित्र,जड़ भरत कथा,प्रह्लाद चरित्र,महादेव चरित्र,17 मार्च को वामन अवतर,रामकथा सुनाई गई। इस परम पुनीत भागवत कथा को सुनकर सभी श्रद्धालु गण पुण्य रूपी सागर में आनंद के साथ डुबकी लगा रहे हैं।ज्ञानयज्ञ में प्रातः काल 5:30 बजे से 12 बजे तक मूलपाठ,परिक्रमा व आरती एवं दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक सुमधुर भागवत कथा व आरती प्रसाद वितरण के बाद कीर्तन मण्डली संतों द्वारा नाम संकीर्तन होती है।

श्री हरे कृष्ण दास जी महाराज संतो की महिमा,भारत माता की महिमा,साथ ही साथ माता पिता और गुरुजनो की सेवा धर्म नाम संकीर्तन से भवसागर के मार्ग को बताया जा रहा है।इसके अतिरिक्त श्रद्धा भक्ति की महिमा का वर्णन हुआ, साधु संगती की महिमा पर प्रकाश डाला गया।परम सौभाग्य है कि तमनार के धरती में जन्मे और गृह त्याग कर बचपन से बृंदावन में रहकर ब्रम्हचर्य का पालन करते सन्यासी बने। इन दिनों तमनार के सभी श्रद्धालु भक्त वृंद पुण्य रूपी भागवत कथा के विशाल समुद्र में आनंद और भाव की डुबकी लगा रहे हैं भाव रूपी भक्ति रूपी वृंदावन रूपी बहुत ही सुंदर भजनों की माला वृंदावन से आए हुए संतों के श्रीमुख से सुनने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है।

