जनपद कार्यालय में पार्षद निधि से लाखों की लागत से हो रहा गुडवत्ताविहीन चबूतरा निर्माण कार्य

जनपद कार्यालय में पार्षद निधि से लाखों की लागत से हो रहा गुडवत्ताविहीन चबूतरा निर्माण कार्य
धरमजयगढ़ @ संदेशा 24 शेख आलम की रिपोर्ट

धरमजयगढ़ नगर के अंदर जनपद पंचायत कार्यालय के सामने पार्षद निधि से लाखों की लागत से चबूतरा का निर्माण कराया जा रहा हैं बता दें,ये वह जगह है जहाँ रोजाना करीब सैकड़ों की तादाद में लोग अपने निजी कार्यो के लिए आवाजाही करते हैं इसी के मद्देनजर जनहित में चबूतरा का निर्माण कराया जा रहा है ताकि दूर दराज से आए लोगों को बैठने, आराम करने में राहत मिले।बेशक बहुत ही बढ़िया पहल है पेड़ के नीचे करीब 06 चबूतरे बनने हैं जिनका निर्माण कराया जा रहा है लेकिन यहां देखा यह जा रहा है कि संबंधित ठेकेदार द्वारा मनमाना ढंग से जैसे तैसे गुडवत्ताविहीन चबूतरा का निर्माण कराया जा रहा है ये हम नही कह रहे हैं वहाँ निर्माण कार्य मे लगे मजदूर, मिस्त्री स्वयं एवं वहाँ की तस्वीरें चबूतरा निर्माण की कहानी बयां कर रहें है एक जानकारी मुताबिक जब से चबूतरा का निर्माण शुरू किया गया है

तब से लेकर अब तक एक बार भी चबूतरा जोड़ाई की सीमेंट में पानी नही दिया गया और तो और चबूतरे के बेस में एक बूंद पानी डाले बिना बेस तैयार किया जा रहा है इससे से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है चबूतरा की जीवनी क्या होगी। क्या गुडवत्ता रहेगी ? निर्माण कार्य को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है आने वाले समय मे चबूतरा बनकर जरूर चमकेगी लेकिन ऐसे में उसके बाद कि जो तस्वीर सामने आएगी उसे इस ख़बर के माध्यम से दिखाने का प्रयास किया जा रहा है यकीन मानिए जिस तरह से चबूतरे में मटेरियल का इस्तेमाल हो रहा है चबतरे कि गुडवत्ता को बताने के लिए काफी है बिना पानी बेस के निसंदेह कहा जा सकता है चबूतरा धसकर टूट जाएगा और फिर शायद उसका अस्तित्व वही होगा जिसे खबर के माध्यम से बताने का प्रयास किया गया है तथ्य जो सामने आ रहे हैं वो यही बयाँ कर रहे हैं कि चबतरे में उचित मापदंड को दरकिनार कर संबंधित धेकेदार द्वारा बैठने व आराम करने लिए लाखों की लागत से बनाया जा रहा चबूतरा धांधली की भेंट न चढ़ जाएगा।ऐसी बात नही की इसकी जानकारी संबधित जिम्मेदारों को नही है जहाँ चबूतरा बन रहा है वह एक तरह से खुली किताब है उसी राह से स्थानीय आलाधिकारी कर्मचारी आवाजही कर रहे है साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधि भी फिर भी शायद क्यों इस ओर उनकी नजर नही पड़ रही है?


