तमनार
ग्राम पडिगांव में गाजे बाजे के साथ हर्षोल्लास से किया गया भोजली विसर्जन

ग्राम पडिगांव में गाजे बाजे के साथ हर्षोल्लास से किया गया भोजली विसर्जन
तमनार @संदेशा24 केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य जनपद तमनार के ग्राम पडिगांव में कोरोना काल के मद्देनजर बगैर तामझाम के घरों से महिलाएं युवतियां अपने सिर पर भोजली लेकर ग्राम के सभी मोहल्ले से महिलाएं एकत्रित होकर तालाब में पुजारी द्वारा विधि विधान के साथ पूजा अर्चना पश्चात भोजली का विसर्जन किया गया।
उल्लेखनीय है कि भोजली त्यौहार छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्यौहारों में से एक हैं। सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार भोजली से आने वाले खरीफ फसल का अनुमान लगाया जाता है, जिसमें जिस साल भोजली अच्छी रहती है उस साल फसल अच्छा होने का अनुमान लगाया जाता है। भोजली की दूसरी सबसे बड़ी खासियत यह भी है कि सालभर में यदि किसी से मनमुटाव हुआ रहता है उसे भोजली देकर मित्रता की जाती है।


