भगोरा के पोषण वाटिका को मिला राज्य स्तरीय सम्मान

भगोरा के पोषण वाटिका को मिला राज्य स्तरीय सम्मान @ पोषण माह के तहत जिले में विभिन्न कार्यक्रम किये जा रहे आयोजित
@बच्चों और महिलाओं को बाज़ार के रसायन युक्त सब्जियों से रखना है दूर : संध्यावली
तमनार @ संदेशा 24

पोषण माह के तौर पर पूरे राज्य में मनाया जा रहा है। जिले में भी इसके तहत हर दिन कुछ न कुछ कार्यक्रम और गतिविधियाँ तय किया गया है। एक सितंबर को महिला एवं बाल विकास विभाग, जिंदल और अडानी समूह के संयुक्त तत्वाधान में पोषण रथ के निकालने के साथ ही पोषण माह की शुरुआत हुई। इसके तेहरवें दिन एक खुशखबरी यह आई है कि तमनार सेक्टर के भगोरा आंगनबाड़ी के पोषण वाटिका को राज्य स्तरीय पुरस्कार रायपुर में मिला है। सोमवार को रायपुर में पोषण सम्मेलन हुआ जिसमें महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी टीके जाटवर, शहरी क्षेत्र की सुपरवाईजर दीपा सिंह, तमनार क्षेत्र की सुपरवाइजर निर्मला देवांगन और भगोरा आंगबाड़ी की कार्यकर्ता संध्यावली गुप्ता शामिल हुए।

पुरस्कार संध्यावली को मिला। जिला कार्यक्रम अधिकारी टीके जाटवर ने बताया,“वास्तव में यह पुस्कार हमारी हौसला-आफजाई करेगा। पोषण वाटिका के लिए हमारी आंगनबाड़ी कार्यकताएं खूब मेहनत करती हैं और यह उसी मेहनत का प्रतिसाद है।“
शहरी क्षेत्र की पर्यवेक्षक दीपा सिंह कहती हैं, “पोषण माह के तहत पूरे जिले में हर दिन कुछ न कुछ गतिविधि चल रही है। पोषण वाटिका में उन हरी-रेशेदार सब्जियों को लगाया गया है जिससे भरपूर पोषण मिल सके। पूरे जिले में बाल भोज, गृह भोज जैसे कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं। “

*सम्मान मिलना गर्व की बात है: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता*
भगोरा आंगनबाड़ी की कार्यकर्ता संध्यावली गुप्ता बताती हैं, “मेरे आंगनबाड़ी केंद्र में कुल 35 बच्चे हैं जिनमें 3 कुपोषित हैं। 3 गर्भवती महिला और 2 महिला शिशुवती हैं। बीते डेढ़ साल में कोरोना संक्रमण काल में हमारी जिम्मेदारियों बढ़ गई थी। अब संक्रमण कम हुआ है तो हम अपने नियमित कार्य की ओर रूख कर चुके हैं। मेरे आंगनबाड़ी के पोषण वाटिका का निरीक्षण खुद कलेक्टर भीम सिंह ने किया था और वह इसे देखकर खुश हुए थे। राज्य स्तरीय सम्मान मिलना गर्व की बात है। हमारे वाटिका में पोषण युक्त हरी साग-सब्जियां लगाई गई हैं। हम नहीं चाहते कि हमारे यहां के बच्चों एवं महिलाओं को बाजार में मिलने वाले रासायनिक खाद युक्त साग सब्जी खाने को मिले इसलिए भविष्य में इसे हम और बेहतर करने की कोशिश करेंगे।“

*हर त्योहार को पोषण के जोड़कर मना रहे*
निर्मला देवांगन तमनार क्षेत्र की पर्यवेक्षक बताती हैं, “मेरे सेक्टर में 24 आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिनमें से 10 जगह पोषण वाटिका है और बाकी की जगहों पर वाटिका लगाने की तैयारी की जा रही है। भगोरा आंगनबाड़ी की पोषण वाटिका में मौसमी सब्जियों को उगाया गया साथ ही वहां की कार्यकर्ता संध्यावली ने साग-सब्जियों के प्रति बच्चों-बड़ों में अपनी वाटिका से जोड़ा है। हमने पोला के दिन बच्चों को खेल खेल में पोषण तो तीज में महिलाओं को मेंहदी इत्यादि माध्यमों से पोषण के महत्त्व को समझाया। मतलब हमने हर त्योहार को पोषण से जोड़ा है। “



