ओपीजेयू में इंडियन आइडल फेम वैभव गुप्ता के गीतों की धूम के साथ हुआ राष्ट्रीय स्तर के तीन-दिवसीय ‘टेक्नो- कल्चरल’ महोत्सव ‘टेक्नोरोलिक्स-25’ का समापन

ओपीजेयू में इंडियन आइडल फेम वैभव गुप्ता के गीतों की धूम के साथ हुआ राष्ट्रीय स्तर के तीन-दिवसीय ‘टेक्नो- कल्चरल’ महोत्सव ‘टेक्नोरोलिक्स-25’ का समापन
रायगढ़ @संदेशा 24
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ में तीन-दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का ‘टेक्नो- कल्चरल’ महोत्सव “टेक्नोरोलिक्स-25” का शानदार समापन 22 मार्च को इंडियन आइडल फेम वैभव गुप्ता के गीतों की धूम के साथ हुआ। 20 मार्च से 22 मार्च, 2025 तक चले इस ‘टेक्नो- कल्चरल’ महोत्सव में देशभर से आए छात्र-छात्राओं ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर लाखों रुपए की पुरस्कार राशि अपने नाम किया।
20 मार्च को सुबह टेक -फेस्ट के प्रमुख तकनीकी इवेंट ‘टेक-लैब’ का शुभारम्भ जे एस डब्लू इस्पात स्पेशल प्रोडक्ट्स लि. के डायरेक्टर एवं प्लांट हेड श्री परेश शाह ने अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में किया। शाम को ‘टेक-फेस्ट’ का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ बंशीधर माझी (कुलपति, सी. वी. रमन ग्लोबल यूनिवर्सिटी, भुबनेश्वर ) ने विशिष्ट अतिथि श्री प्रताप राउत (वाईस प्रेजिडेंट, आरकेएम पावर जेन. प्रा. लि.), डॉ आर डी पाटीदार (कुलपति -ओपीजेयू ), डॉ अनुराग विजयवर्गीय (कुलसचिव- ओपीजेयू) डॉ महेश भिवापुरकर (मेंटर -टेक्नोरॉलिक्स -25 ), डॉ संजय सिंह (मेंटर -टेक्नोरॉलिक्स -25 )एवं अन्य अतिथियों की उपस्थिती मे किया। विश्व विद्यालय के कुलसचिव डॉ अनुराग विजयवर्गीय ने विश्व विद्यालय की उपलब्धियों को बताते हुए सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। अपने सन्देश में विश्वविद्यालय के कुलपति, डॉ. आर. डी. पाटीदार ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि हमारे विश्वविद्यालय का उद्देश्य हमेशा यह रहा है कि छात्रों को एक ऐसा मंच मिले, जहाँ वे अपने विचारों और क्षमताओं को चुनौती दे सकें और उन्हें निखार सकें। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आयोजित किए जाने वाले इस राष्ट्रीय स्तर का टेक-फेस्ट ‘टेक्नोरोलिक्स’ छात्रों को अपनी क्षमता को उजागर करने और नवाचार, रचनात्मकता, और नेतृत्व की भावना को बढ़ावा देने का अवसर देता है। साथ ही, छात्रों के बीच सहयोग, प्रतिस्पर्धा और सीखने के लिए एक मंच तैयार करता है।

इस फेस्ट के आयोजन में छात्रों की प्रमुख भूमिका होती है, क्योंकि यह पूरी तरह से छात्रों द्वारा डिजाइन और आयोजित किया जाता है, जिसमें उन्हें मार्गदर्शन प्राध्यापकों से प्राप्त होता है। मुझे पूरा विश्वास है कि ‘टेक्नोरोलिक्स’ का यह संस्करण हमारे विश्वविद्यालय की सफलता की नई ऊँचाइयों तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करेगा। विशिष्ट अतिथि श्री प्रताप राउत ने अपने सम्बोधन में विश्वविद्यालय के प्रयासों की प्रसंशा करते हुए महोत्सव में प्रतिभागियों को अपनी नवीनतम सोच और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि डॉ बंशीधर माझी (कुलपति, सी. वी. रमन ग्लोबल यूनिवर्सिटी, भुबनेश्वर ) ने अपने सम्बोधन में कहा की शिक्षा का असली उद्देश्य सिर्फ ज्ञान ही नहीं, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना है और ‘टेक्नोरोलिक्स-25’ जैसे राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम विद्यार्थियों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराते है, जो उनके तकनीकी और सांस्कृतिक रुचियों को बढ़ावा देता है और वे अपनी सीमाओं को पार कर जाते हैं और नए आयाम छूते हैं। यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को न केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बन सकता है।

इस आयोजन की सफलता को देखकर यह कहना बिल्कुल उचित होगा कि ओपीजेयू अपने छात्रों को सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि उन्हें समाज और भविष्य के लिए तैयार करने का एक बेहतरीन कार्य कर रहा है। मुझे विश्वास है कि इस तरह के आयोजन आगे भी आयोजित किए जाएंगे और यह ओपीजेयू को और भी ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।
‘टेक्नोरोलिक्स एवं ऐम्बिएशन’ में तीन दिनों के दौरान लगभग 22 तकनीकी एवं गैर-तकनीकी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिनमे- टेक्निकल मॉडेल्स का प्रदर्शन, रोबोटिक्स के गेम्स, आइडिएशन -पेपर प्रेजेंटेशन, वौइस् ऑफ़ यूथ, बिजिनेस प्लान-स्टार्टअप, रोडीज, ट्रेजर हंट, एग्जीबिशन, बिजिनेस क़्विज, रोबोवार, बीट द बैटल्स एवं अंतरागिनी-सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं प्रमुख रहीं। इस प्रबंधन, नवाचार, तकनीकी कौशल एवं व्यक्तित्व विकास पर केन्द्रित ‘टेक्नोरोलिक्स-25 ’ मे विभिन्न संस्थानो के लगभग दो हज़ार प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ‘टेक्नोरोलिक्स-25’ के तीनो दिन सभी प्रतियोगिताओं का आयोजन ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के पूंजीपथरा परिसर में किया गया।
टेक-फेस्ट के तीसरे दिन 22 मार्च की संध्या में पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह का आयोजन किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि डॉ अशोक कुमार श्रीवास्तव (कुलपति- एमिटी यूनिवर्सिटी, रांची ) एवं विशिष्ट अतिथि कर्नल अरुण कुमार चंदेल (एडवाइज़र एंड एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट -स्किल डेवलपमेंट, जिंदल फॉउंडेशन) रहे। विशिष्ट अतिथि ने अपने संबोधन में छात्रों को अनुशासन एवं सफलता का महत्त्व बताया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अशोक कुमार श्रीवास्तव (कुलपति- एमिटी यूनिवर्सिटी, रांची ) ने ओपीजेयू के प्रशासन, आयोजन समिति, और उन सभी छात्रों को कार्यक्रम के सफल आयोजन की बधाई देते हुए कहा की इस प्रकार के आयोजनों से न केवल विश्वविद्यालय की छवि में वृद्धि होती है, बल्कि यह छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने में भी मदद करता है। मुझे विश्वास है कि ‘टेक्नोरोलिक्स-25’ ओपीजेयू की एक नई दिशा और सफलता की कहानी बनेगा। ‘टेक्नोरोलिक्स-25’ जैसे आयोजन यह
सिद्ध करते हैं की शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह छात्रों को विभिन्न अनुभवों के माध्यम से अपनी छिपी हुई

प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें प्रकट करने का अवसर प्रदान करती है। इससे छात्रों को तकनीकी और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से न केवल कौशल सीखने का अवसर मिलता है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी प्रोत्साहन मिलता है। समापन समारोह के दौरान टेक्नोरोलिक्स एवं ऐम्बिएशन की सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किया गया।
पुरस्कार वितरण के पश्चात ‘जूनून’ (सेलिब्रिटी नाईट) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस तीन दिवसीय महोत्सव का मुख्य आकर्षण था लोकप्रिय गायन कलाकार वैभव गुप्ता का लाइव संगीत प्रदर्शन, जिसने समारोह के समापन पर समां बांध दिया। वैभव गुप्ता के संगीत में एक नई ऊर्जा और जोश था, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उनका संगीत कार्यक्रम इस आयोजन के समापन के रूप में एक शानदार समापन बिंदु साबित हुआ।
ज्ञातव्य हो कि रायगढ़ के पुंजिपथरा स्थित ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना 2014 में (राज्य बिल अधिनियम 13) देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह – जिंदल ग्रुप द्वारा देश और विदेश के छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। विश्वविद्यालय विश्वस्तर के पाठ्यक्रम, विश्वस्तरीय शिक्षक, आधुनिक शिक्षण विधियाँ, अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे और शिक्षार्थियों को एक जीवंत परिसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित यह विश्वविद्यालय देश का सबसे विशिष्ट और विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर है।



