तमनार ब्लॉक के गारे में हजारों ग्रामीणों ने मनाया शौर्य दिवस ? कोयला सत्याग्रहियों ने संवैधानिक अधिकार को पाने एवं अपनी जल, जंगल, जमीन को बचाने का लिया संकल्प

तमनार ब्लॉक के गारे में हजारों ग्रामीणों ने मनाया शौर्य दिवस
? कोयला सत्याग्रहियों ने संवैधानिक अधिकार को पाने एवं अपनी जल, जंगल, जमीन को बचाने का लिया संकल्प

तमनार /दुलेन्द्र पटेल 5.1.2021
केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य जनपद तमनार के ग्राम पंचायत गारे में आयोजक मेहनतकश मजदूर किसान एकता समिति गारे, जन चेतना रायगढ छत्तीसगढ़, आदिवासी महिला महा पंचायत तमनार रायगढ द्वारा 5 जनवरी शौर्य दिवस ऐतिहासिक भव्य तरीके से मनाया गया।

ज्ञात हो कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्राम- गारे ब्लॉक तमनार के हजारों ग्रामीणों ने शौर्य दिवस मनाया। दरअसल 5 जनवरी 2008 को ग्राम खम्हरिया तहसील तमनार, जिला रायगढ़ में जिंदल कंपनी की जनसुनवाई आयोजित की गई थी जिसमें क्षेत्र के लोगों ने इस जनसुनवाई का पुरजोर विरोध किया था जिसके लिए प्रशासन एवं कंपनी के द्वारा लाठीचार्ज किया गया। जिससे कई लोग गंभीर रूप से लाठीचार्ज की चोट से घायल हुए। इसलिए इस दिन को गारे पेलमा क्षेत्र के लोग हर वर्ष काला दिवस के रूप में मनाते आ रहे थे।इस वर्ष इस दिन को शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया क्योंकि तब से लेकर आज तक लगातार कोयला सत्याग्रहियों ने अपने संवैधानिक अधिकार को पाने एवं अपनी जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए संगठित होकर आंदोलन सतत जारी रखा है।इस अवसर पर तमनार विकास खंड के पेलमा, गारे, कुंजेमुरा, बिजना, हमीरपुर, उरबा, जरीडीही, मिलूपारा, कोड़केल, सराईटोला, हिंझर, सेमीजोर तमनार,सॉरसमॉल कोसम पाली मुड़ागॉव,बजरमुड़ा,बॉधापाली,पाता सहित 56 गॉव के कोयला सत्याग्रहियों ने खुशी जाहिर करते आगे भी भविष्य मे यह लड़ाई जारी रखने संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में गोल्डमैन एनवायरमेंट प्राइज विजेता तथा जनचेतना मंच के संस्थापक रमेश अग्रवाल जो कि तमनार क्षेत्र के लोगों के साथ हमेशा उनके कानूनी लड़ाई लड़ते हैं उपस्थित रहे।इस शौर्य दिवस को सफल बनाने के लिए मेहनतकश किसान मजदूर एकता संगठन के संयोजक हरिहर पटेल, जनचेतना मंच रायगढ़ के राजेश त्रिपाठी,सविता रथ, राजेश गुप्ता,शिव पटेल,खेमनिधी नायक, कार्तिक पोर्ते,गोंडवाना समग्र विकास क्रांति आंदोलन के राजेश सिंह मरकाम एनएफआईटीयू के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र पटनायक धर्मजयगढ़ विकास खंड कोयला
प्रभावित लोगों में सजल मधु,अशोक शर्मा और लीलावती राजपूत अन्य सामाजिक कार्यकर्ता कोयला सत्याग्रही शामिल हो कर कार्यक्रम को सफल बनाया।


