
रायगढ़ संदेशा@पुष्पेंद्र पटेल 10.07.2020
रायगढ़, यूनिसेफ राज्य साक्षरता मिशन और जिला प्रशासन की साझेदारी से चल रहे सीख कार्यक्रम अंतर्गत कोरोना काल की वजह से बच्चों की पढ़ाई व सीखने की प्रक्रिया प्रभावित न हो व सीख की प्रक्रिया को और अधिक सक्रिय बनाया जा सके। इस दिशा में शासकीय प्राथमिक शाला जोरापाली में भी सीख कार्यक्रम की गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित करते हुए पालक, पंचायत व प्रतिनिधि से संपर्क अभियान स्थापित किया गया।
प्रधान पाठक आशीष रंगारी व सहयोगी शिक्षक प्रवीण नायक गांव में वालेंटियर्स के साथ, पालकों के घर उनसे सीधे संपर्क कर सीख कार्यक्रम को और अधिक सक्रिय करने में अपनी भूमिका निभा रहे है। इसी कड़ी में आशीष रंगारी ने सीख कार्यक्रम के विभिन्न हफ़्तों में संचालित होने वाली सीख गतिविधियों को स्वयं उपस्थित होकर वालेंटियर्स के साथ बच्चों व पालकों के समक्ष, चित्र पर चर्चा, कुम्हार व बच्चों के चित्र व कहानी, जादुई टेबल, क्रिकेट खेले रन बनाएं, रेत का घर कहानी आदि के माध्यम से छोटा कौन बड़ा कौन, आकृति पहचान, गिनती, जोड़ घटाव, मिस्ड काल दो कहानी सुनो व कहानी कहो, घोड़ा बादाम खाये जो देखे मार खाये जैसी विविध मनोरंजक गतिविधियों के संचालन व सीखने में सीख कार्यक्रम की महती भूमिका से सभी को अवगत कराया।

जिला पंचायत सीईओ सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, जिला मिशन समन्वयक श्री रमेश देवांगन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री मनिन्द्र श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में सीख कार्यक्रम को और अधिक सक्रिय बनाने की कवायद रायगढ़ जिले में सतत् रूप से जारी है। जिसमें डीएमसी, बीआरसीसी, नोडल अधिकारी, संकुल स्तर पर महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठकों का दौर भी जारी है।
इसी अनुक्रम में आशीष रंगारी ने सहयोगी शिक्षक के साथ ग्राम जोरापाली के पंचायत की बैठक में जिसमें सरपंच श्री सिदार, पंच, सचिव व अन्य महिला सदस्यों की उपस्थिति व बैठक में सीख कार्यक्रम के विषय मे सारी बातों से अवगत कराते हुए उसकी उपयोगिता व पालक पंचायत व प्रतिनिधियों के सहयोग से इसे और अधिक सक्रिय करने उन्हें प्रेरित किया। साथ ही किस तरह से सीख के माध्यम से बच्चे अपने-अपने घरों से ही खेल-खेल में सीख रहे हैं और कैसे अधिक सीख सकते है, इसका प्रचार-प्रसार करते हुए इस कार्यक्रम से अन्य ग्रामीणों को जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है।


